17 अप्रैल 2026। लोकप्रिय ट्रैवल प्लेटफॉर्म Booking.com ने अपने ग्राहकों को चेतावनी दी है कि हाल ही में उसके नेटवर्क में हुई सेंधमारी के बाद यूज़र्स की निजी जानकारी और यात्रा से जुड़ी डिटेल लीक हो सकती हैं। इस घटना के बाद कई ग्राहकों ने नकली ईमेल, कॉल और WhatsApp संदेश मिलने की शिकायत की है, जो खुद को Booking.com की ओर से बताते हैं।
कंपनी के अनुसार, हैकर्स कुछ ग्राहकों की बुकिंग जानकारी तक पहुंचने में सफल रहे, जिसके चलते आने वाली यात्राओं से जुड़ी संवेदनशील जानकारी उजागर हो गई। इसके बाद यूज़र्स को टारगेट कर फिशिंग हमलों में तेज़ी आई है, जहां ठग उन्हीं बुकिंग डिटेल्स का हवाला देकर भरोसा जीतने की कोशिश कर रहे हैं।
Booking.com ने ईमेल के जरिए प्रभावित ग्राहकों को सूचित करते हुए कहा कि “अनधिकृत थर्ड पार्टी आपकी बुकिंग से जुड़ी कुछ जानकारी तक पहुंच बना सकती है।” कंपनी का दावा है कि संदिग्ध गतिविधि का पता चलते ही उसे नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए गए और प्रभावित बुकिंग के PIN भी बदल दिए गए हैं।
कौन-कौन सा डेटा हुआ लीक?
शुरुआती जांच के मुताबिक हमलावर निम्न जानकारी तक पहुंच सकते थे:
बुकिंग डिटेल
नाम, ईमेल और संपर्क नंबर
पता
होटल के साथ साझा की गई अन्य जानकारी
हालांकि कंपनी ने कहा है कि बैंकिंग या पेमेंट से जुड़ी जानकारी (जैसे कार्ड नंबर) के लीक होने के कोई संकेत नहीं मिले हैं। साथ ही यह भी दावा किया गया कि फिजिकल एड्रेस तक सीधी पहुंच नहीं बनाई गई।
होटल मालिकों को भी चेतावनी
कई होटल मालिकों को भी इस संदिग्ध गतिविधि के बारे में अलर्ट किया गया है। उन्हें बताया गया कि साइबर अपराधी खुद को होटल या Booking.com का प्रतिनिधि बताकर ग्राहकों से संपर्क कर सकते हैं। ऐसे मामलों में मेहमानों को किसी भी संदिग्ध लिंक या पेमेंट रिक्वेस्ट से बचने की सलाह दी गई है।
कंपनी पर पारदर्शिता को लेकर सवाल
इस पूरे मामले में Booking.com की आलोचना भी हो रही है। कुछ यूज़र्स और होटल मालिकों का आरोप है कि कंपनी इस घटना की गंभीरता को कम करके दिखाने की कोशिश कर रही है और साफ तौर पर यह नहीं बता रही कि सेंधमारी कितनी बड़ी है।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कई यूज़र्स ने दावा किया है कि उन्हें पहले से ही फिशिंग कॉल और मैसेज मिल रहे थे, लेकिन कंपनी ने शुरुआती शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया। कुछ मामलों में कंपनी पर जिम्मेदारी से बचने और होटल्स पर दोष डालने के आरोप भी लगे हैं।
खतरा अभी टला नहीं
अब तक यह साफ नहीं है कि यह हमला कैसे हुआ, कितने यूज़र्स प्रभावित हुए और क्या चोरी किया गया डेटा डार्क वेब या हैकर फोरम्स पर बेचा जा चुका है। अगर ऐसा हुआ, तो आगे और ज्यादा टारगेटेड फिशिंग और पहचान की चोरी के मामले सामने आ सकते हैं।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हमले
हाल के महीनों में Booking.com यूज़र्स को निशाना बनाकर कई फिशिंग कैंपेन चलाए गए हैं। साइबर सिक्योरिटी फर्म Securonix की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि हैकर्स नकली ईमेल भेजकर यूज़र्स को यह कहकर डराते हैं कि उनकी बुकिंग कैंसिल हो गई है और दोबारा पुष्टि के लिए भारी रकम जमा करनी होगी।
कंपनी का दायरा
एम्स्टर्डम स्थित Booking.com दुनिया के सबसे बड़े ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स में से एक है। इसकी पैरेंट कंपनी Booking Holdings है। प्लेटफॉर्म पर हर महीने करोड़ों यूज़र्स आते हैं और 2024 में अरबों बुकिंग नाइट्स दर्ज की गई थीं।
क्या करें यूज़र्स?
किसी भी संदिग्ध लिंक या मैसेज पर क्लिक न करें
Booking.com से आए मैसेज की आधिकारिक ऐप/वेबसाइट पर जाकर पुष्टि करें
अनजान कॉल्स पर पेमेंट या OTP शेयर न करें
शक होने पर तुरंत बैंक और प्लेटफॉर्म को सूचित करें
यह मामला साफ संकेत देता है कि अब साइबर अपराधी सिर्फ डेटा चुराकर नहीं रुकते, बल्कि उसी डेटा का इस्तेमाल करके बेहद टारगेटेड धोखाधड़ी भी करते हैं। यात्रियों के लिए सतर्क रहना अब विकल्प नहीं, ज़रूरत बन चुका है।














