6 जनवरी 2026। मध्यप्रदेश में ई-गवर्नेंस की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक में सभी कैबिनेट सदस्यों को टैबलेट वितरित किए। इसका मकसद कैबिनेट कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, तेज और पूरी तरह पेपरलैस बनाना है।
मंत्रालय में हुई बैठक के दौरान कैबिनेट सदस्यों और मंत्रि-परिषद के भारसाधक सचिवों को टैबलेट सौंपे गए। मंत्रियों ने इस पहल का स्वागत किया और मुख्यमंत्री का आभार जताया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में ई-गवर्नेंस को मजबूती दी जा रही है और इसी कड़ी में ई-कैबिनेट एप्लीकेशन की शुरुआत की गई है। यह आधुनिक, सुरक्षित और गोपनीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए मंत्रि-परिषद से जुड़ी सभी जानकारियां कभी भी, कहीं से भी देखी जा सकेंगी। एप्लीकेशन के उपयोग के लिए संबंधित अधिकारियों और मंत्रियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ई-कैबिनेट एप्लीकेशन से बैठक की कार्यसूची देखने, पूर्व बैठकों में लिए गए निर्णयों के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा करने जैसी सुविधाएं आसानी से मिलेंगी। शुरुआत में कैबिनेट बैठक का एजेंडा भौतिक और डिजिटल दोनों रूप में उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन आगे चलकर यह पूरी तरह डिजिटल होगा।
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि यह नई व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाएगी और समय की बचत करेगी। साथ ही फाइलों और कागज के उपयोग में भी बड़ी कमी आएगी।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने जानकारी दी कि वर्ष 1960 से अब तक के सभी मंत्रि-परिषद निर्णयों को डिजिटल किया जा चुका है। पिछले दो वर्षों के निर्णय एक क्लिक में उपलब्ध हैं। बैठक के अंत में प्रेजेंटेशन के जरिए मंत्रियों को टैबलेट के उद्देश्य, उपयोगिता और बुनियादी संचालन की जानकारी दी गई।
कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश की कैबिनेट अब कागज से निकलकर स्क्रीन पर काम करेगी। फाइलें हल्की होंगी और फैसलों की रफ्तार तेज। यही तो असली डिजिटल सरकार की पहचान है।














