₹10,000 से निवेश की शुरुआत, पहले तीन महीने मुफ्त
भारतीय निवेशकों के लिए निवेश सलाह मात्र 350 रु से शुरू
जियोफाइनेंस ऐप पर उपलब्ध, जल्द MyJio पर भी
मुंबई, 03 फरवरी 2026। जियोब्लैकरॉक इंवेस्टमेंट एडवाइज़रस प्राइवेट लिमिटेड ने भारत में ‘जियोब्लैकरॉक पर्सनालाइज्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइज’ की शुरुआत की है। यह एक डिजिटल इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी प्लेटफॉर्म है। कंपनी का दावा है कि वह भारतीयों को सिर्फ बचतकर्ता नहीं बल्कि समझदार निवेशक बनाना चाहती है। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और ब्लैकरॉक की 50:50 की जॉइंट वेंचर कंपनी है जियोब्लैकरॉक इंवेस्टमेंट एडवाइज़रस प्राइवेट लिमिटेड।
इस मौके पर जियो फाइनेंशियल सर्विसेज की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा एम. अंबानी ने कहा कि हर भारतीय की वित्तीय मजबूती देश को ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में आगे ले जाने के लिए जरूरी है। JioBlackRock का लक्ष्य भारत को बचतकर्ताओं के देश से आत्मविश्वासी निवेशकों के देश में बदलना है। उन्होंने बताया कि Jio की डिजिटल पहुंच और BlackRock के वैश्विक निवेश अनुभव के जरिए आम लोगों तक विश्वस्तरीय निवेश सलाह पहुंचाई जाएगी।
नई डिजिटल एडवाइजरी सेवा के तहत निवेशक मात्र ₹10,000 से निवेश की शुरूआत कर सकते हैं। निवेशकों को उनके लक्ष्य और जोखिम क्षमता के अनुसार पर्सनलाइज्ड निवेश प्लान दिया जाएगा, जिसकी निगरानी आधुनिक टेक्नोलॉजी के जरिए की जाएगी। जिससे बाजार की स्थिति के अनुसार समय-समय पर री-बैलेंसिंग के सुझाव मिलते रहेंगे।
इस सेवा की कीमत भी आम निवेशकों को ध्यान में रखकर तय की गई है। सालाना फीस ₹350 रखी गई है, जबकि ₹1 लाख से अधिक के एसेट्स अंडर एडवाइजरी (AUA) पर 0.35% वार्षिक शुल्क लगेगा। शुरुआती तीन महीनों के लिए सेवा मुफ्त दी जाएगी। अब तक पर्सनलाइज्ड निवेश सलाह केवल हाई-नेटवर्थ निवेशकों तक सीमित रही है, क्योंकि इसमें ऊंची लागत और रिलेशनशिप-मैनेजर आधारित मॉडल शामिल थे। यह सेवा फिलहाल जियोफाइनेंस ऐप पर उपलब्ध है और जल्द ही इसे MyJio ऐप पर भी लॉन्च किया जाएगा।
ब्लैकरॉक के सीओओ रॉब गोल्डस्टीन ने इसे भारत में निवेश सलाह के लिए एक नया मानक बताते हुए कहा कि Aladdin की संस्थागत गुणवत्ता वाली रिस्क एनालिटिक्स और जियो की डिजिटल पहुंच के जरिए लाखों भारतीयों तक व्यक्तिगत निवेश सलाह पहुंचेगी। वहीं जियोब्लैकरॉक इंवेस्टमेंट एडवाइज़रस के सीईओ मार्क पिल्ग्रिम ने कहा कि भारत ने वित्तीय समावेशन में बड़ी प्रगति की है और अब अगला कदम वेल्थ इन्क्लूजन का है।














