मुंबई 6 फरवरी 2026। फिल्म निर्देशक नीरज पांडे ने अपनी आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फिल्म पूरी तरह से एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है और इसमें “पंडत” नाम किसी वास्तविक व्यक्ति, जाति, धर्म या समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करता।
नीरज पांडे ने कहा कि फिल्म की कहानी एक काल्पनिक किरदार के काम और उसके फैसलों पर आधारित है। इसका उद्देश्य किसी भी वर्ग की छवि को ठेस पहुँचाना नहीं है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एक फिल्ममेकर के रूप में वह अपनी कहानियों को जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और सम्मान के साथ प्रस्तुत करते हैं।
निर्देशक के मुताबिक, यह फिल्म भी उनकी पिछली फिल्मों की तरह ईमानदारी से केवल दर्शकों के मनोरंजन के उद्देश्य से बनाई गई है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फिल्म के शीर्षक को लेकर कुछ दर्शकों की भावनाएं आहत हुई हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए नीरज पांडे ने बताया कि फिलहाल फिल्म से जुड़ी सभी प्रचार सामग्री हटा ली गई है। उनका कहना है कि किसी भी फिल्म पर राय पूरी फिल्म देखने और उसकी कहानी समझने के बाद ही बनाई जानी चाहिए, न कि कुछ हिस्सों के आधार पर।
नीरज पांडे ने भरोसा जताया कि दर्शक जब पूरी फिल्म देखेंगे तो उसका संदर्भ और उद्देश्य स्पष्ट होगा। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इस फिल्म को दर्शकों के सामने लाने को लेकर उत्साहित हैं।














