1 फरवरी 2018। प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में अब ग्राम वासियों के घर पर गायों आदि मवेशियों को रखने के शेड बनेंगे। ये शेड तकनीकी रुप से बनेंगे जिसकी सरकार ने मानक डिजाईन एवं लागत भी जारी की है।
दरअसल जून 2016 तक मनरेगा से गायों के शेड बनाने का कोई मानक डिजाईन एवं लागत तय नहीं थी तथा मनरेगा से एक लाख रुपये से अधिक की राशि एक कैटल शेड बनाने में व्यय कर दी जाती थी। इस बात का पता चलने पर पूरे प्रदेश में कैटल शेड बनाने का काम रोक दिया था। करीब छह हजार कैटल शेडों का निर्माण अपूर्ण पड़ा हुआ था।
डेढ़ साल गुजरने के बाद अब राज्य सरकार ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से कैटल शेड की मानक डिजाईन एवं लागत तय कर दी है तथा आगामी 31 मार्च 2018 तक इन अपूर्ण कैटल शेड का निर्माण कार्य इसी अनुसार पूरा किया जायेगा तथा उसके बाद आगामी वित्तीय वर्ष में नये कैटल शेड बनाने का काम हाथ में लिया जायेगा।
यह होगी मानक डिजाईन एवं लागत :
मानक डिजाईन के अंतर्गत 4-5 मवेशियों को रखने के शेड बनाये जायेंगे जोकि 5 मीटर गुणित 3.5 मीटर के होंगे। पिछले भाग की ऊंचाई 3 मीटर एवं सामने की ऊंचाई 2.4 मीटर होगी। मवेशियों का मूत्र एकत्रित करने हेतु लगभग ढाई सौ लीटर क्षमता का टैंक का निर्माण किया जायेगा। इसके अतिरिक्त चारा-भूसा हेतु नाद, अलमारी, लौहे के एंगिल के फ्रेम पर एसी सीट की छत का प्रावधान होगा। इस कैटल शेड के लिये सिर्फ 60 हजार रुपये की राशि दी जायेगी। अपूर्ण कैटल शेड भी इतनी ही राशि के अंतर्गत बनेंगे। यदि अपूर्ण कैटल शेड पर व्यय हुई अब तक की राशि 60 हजार रुपये या इससे अधिक है तो हितग्राही को अपने संसाधनों से निर्माण कार्य पूर्ण करना होगा।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि पहले ग्रामों में कैटल शेड के निर्माण की कोई मानक डिजाईन एवं लागत निर्धारित नहीं थी और मनरेगा से इसके लिये मनमर्जी राशि स्वीकृत कर ली जाती थी। परन्तु अब मानक डिजाईन एवं लागत तय कर दी गई है।
- डॉ नवीन जोशी
अब मनरेगा से ग्रामवासियों के घर पर बनेंगे मानक डिजाईन वाले गायों के शेड
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Bhopal 👤By: Admin Views: 1899
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