07 फरवरी 2018। प्रदेश के उच्च शिक्षा,स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित शैक्षणिक संस्थाओं को अब आनंद विभाग की ओर से आनंद विषय पर अनुसंधान, फैलाशिप, शोध और प्रोजेक्ट पुरस्कार मिलेंगे।
आनंद अनुसंधान के तहत आनंद विषय पर उच्च स्तरीय अध्ययन एवं अनुसंधान बढ़ाने और प्रदेश में आनंद के प्रसार के लिये उपायों पर अनुसंधान करने का काम होगा। एक वर्ष में अधिकतम पांच अनुसंधान स्वीकृत किये जायेंगे। प्रत्येक अनुसंधान हेतु अधिकतम दस लाख रुपये की राशि दी जायेगी। अनुसंधान तीन वर्ष में पूरा करना होगा।
इसी प्रकार आनंद पर शोध के अंतर्गत आनंद विषय पर पीएचडी/डी लिट होगी। इसके तहत होने वाले शोध पर एक प्रथम पुरस्कार होगा जिसमें स्वर्ण पदक एवं एक लाख रुपये, दो द्वितीय पुरस्कार होंगे जिसमें रजत पदक एवं पचास हजार रुपये तथा चार तृतीय पुरस्कार होंगे जिसमें कांस्य पदक एवं पच्चीस हजार रुपये नकद दिये जायेंगे।
आनंद प्रोजेक्ट पुरस्कार स्नातक/स्नातकोत्तर कक्षाओं एवं स्कूलों में नियमित शैक्षणिक गतिविधियों के साथ आनंद विषय पर प्रोजेक्ट कार्य करने पर दिया जायेगा। इसमें एक प्रथम पुरस्कार होगा जिसमें स्वर्ण पदक एवं पच्चीस हजार रुपये, दो द्वितीय पुरस्कार होंगे जिसमें रजत पदक एवं पन्द्रह हजार रुपये तथा दस तृतीय पुरस्कार होंगे जिसमें सिर्फ दस हजार रुपये नकद ईनाम दिया जायेगा।
इसी प्रकार आनंद फैलोशिप आनंद विषय पर एक्शन रिसर्च, अध्ययन एवं प्रोजेक्ट वर्क को प्रोत्साहित करने के लिये दी जायेगी। इसके लिये चयन साक्षात्कार से होगा और एक वर्ष में अधिकतम दस फैलोशिप दी जायेंगी। फैलोशिप की अवधि तीन वर्ष की होगी। एक फैलोशिप हेतु प्रति वर्ष तीन लाख रुपये तक की मदद दी जायेगी।
उक्त सभी विषयों में इस संबंध में आने वाले आवेदनों का परीक्षण राज्य आनंद संस्थान करेगा।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि आनंद विषय पर अनुसंधान, फैलोशिप, शोध और प्रोजेक्ट पुरस्कार की स्कीम बनी हैं तथा इसके लिये संस्थान की वेबसाईट के माध्यम से आनलाईन आवेदन मंगवाये जा रहे हैं।
- डॉ नवीन जोशी
अब आनंद हेतु शैक्षणिक संस्थाओं को मिलेगा, अनुसंधान, फैलोशिप, शोध और प्रोजेक्ट पुरस्कार
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Bhopal 👤By: Admin Views: 2130
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