26 मार्च 2018। प्रदेश की ५४४ कृषि उपज मंडियां जिनमें २५७ मंडियां एवं २८७ उप मंडियां शामल हैं, अब मप्र निराश्रित एवं निर्धन व्यक्तियों की सहायता अधिनियम १९७० एवं नियम २०१३ के प्रावधानात्र्गत अपनी आय का कुछ हिस्सा सामाजिक न्याय विभाग के अंतर्गत गठित राज्य एवं जिला निराश्रित निधि में आनलाईन भेजेंगी। इसके लिये सामाजिक न्याय विभाग ने आनलाईन निराश्रित निधि इन्टीग्रेटेड एण्ड यूनिफाईड ई-पेमेंट सिस्टम विकसित किया है। इसी आनलाईन साफ्टवेयर से जिला विकलांग पुनर्वास केंद्रों, डे केयर्स, कौशल विकास, प्रशिक्षण, चिकित्सा सहायता व अन्य कार्यों में आनलाईन ही सहायता राशि जारी की जायेगी।
आगामी १ अप्रैल से राज्य की कृषि उपज मंडियों को निर्धनों की सहायता राशि इसी आनलाईन सिस्टम से भेजना अनिवार्य होगी। चैक या नकद के माध्यम से किसी भी प्रकार का भुगतान पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। यह साफ्टवेयर इसलिये तैयार किया गया है ताकि आनलाईन प्रणाली के उपयोग से समस्त व्यय एवं भुगतानों के कार्यों की आनलाईन मानीटरिंग की जा सके और गड़बड़ी की गुंजाईश नहीं रहे।
उक्त साफ्टवेयर के माध्यम से सामाजिक न्याय विभाग के खाते में पहुंची राशि से संबंधित संस्थाओं को उनके बैंक खातों में आनलाईन ही सहायता राशि भेजी जायेगी। इससे जहां इन संस्थाओं को समय पर उनके हितग्राहियों की संख्या के हिसाब से धनराशि मिल सकेगी।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि कृषि उपज मंडियों को आगामी १ अप्रैल से निर्धनों हेतु सहायता राशि आनलाईन भेजना होगी। संबंधित संस्थाओं को आनलाईन ही सहायता राशि का भुगतान किया जायेगा। इसके लिये साफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है।
? डॉ नवीन जोशी
अब कृषि मंडियां गरीबों की सहायता राशि आनलाईन भेजेगी
Place:
Bhopal 👤By: Admin Views: 1917
Related News
Latest News
- इंडियनऑयल और मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापन
- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट में उद्यमियों से किया संवाद
- ‘कैंपा-श्योर’ पैकेज्ड वॉटर के ब्रांड एंबेसडर बने अमिताभ बच्चन
- रूसी कभी कीड़े नहीं खाएंगे
- भारत अंतरिक्ष में डेटा सेंटर लॉन्च करने पर विचार कर रहा
- मैहर बैंड से निमाड़ के खाने तक, UNESCO के लिए MP ने भेजे तीन प्रस्ताव














