8 जुलाई 2018। राज्य सरकार ने द्वितीय श्रेणी, तृतीय श्रेणी और चतुर्थ श्रेणी की शासकीय नौकरियों में दिव्यांगजनों को छह प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान बदल दिये हैं। पहले दिव्यांगजन व्यक्ति नि:शक्तजन कहलाते थे और उनकी तीन केटेगरी थी जिसमें दृष्टिबाधित को 2, श्रवण बाधित को 2 तथा अस्थिबाधित को 2 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था। अब भारत सरकार ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 प्रभावशील कर दिया है जिसमें दिव्यांगजनों की केटेगरी बढ़ा दी है। इसलिये राज्य सरकार ने आरक्षण का पुराना प्रावधान खत्म कर नया प्रावधान कर दिया है जिसके तहत दृष्टिबाधित और कम दृष्टि वाले को डेढ़ प्रतिशत, बहरे और कम सुनने वाले को डेढ़ प्रतिशत, सेरेब्रल पाल्सी, कुष्ठ रोग मुक्त, बौनापन, एसिड अटैक पीडि़त, मस्कुलर डिस्ट्राफी वाले को डेढ़ प्रतिशत तथा आटिज्म, बौध्दिक दिव्यांगता, स्पेसेफिक लर्निंग डिसेबिलिटी और मानसिक बीमारी और बहुविकलांगता वाले को डेढ़ प्रतिशत आरक्षण दिया जायेगा।
दिव्यांगता के ज्यदा प्रतिशत वाले को दें प्राथमिकता :
राज्य सरकार ने सभी विभागों एवं कार्यालय प्रमुखों से कहा है कि प्राय: देखने में आया है कि जिन दिव्यांगजनों की नि:शक्तता का प्रतिशत कम है, उन्हें शासकीय सेवा में आरक्षण (नियुक्ति) दिया जा रहा है। जिन दिव्यांगजनों की नि:शक्तता का प्रतिशत अधिक है, उन्हें शासकीय सेवा में नियुक्ति नहीं दी जा रही है। यह कार्यवाही दिव्यांगजन अधिकार नियम 2017 में उल्लेखित प्रावधान की मंशा के विपरीत है। इसलिये जिन दिव्यांगजनों की नि:शक्तता अधिक है, उन्हें प्राथमिकता दी जाये।
? डॉ नवीन जोशी
दिव्यांगजनों को सरकारी नौकरी में आरक्षण के प्रावधान बदले
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Bhopal 👤By: Admin Views: 1947
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