16 अगस्त 2018। प्रदेश के 89 आदिवासी तथा 224 सामुदायिक विकासखण्डों में जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित स्कूलों के 1 लाख 11 हजार 72 अध्यापक भी अब शिक्षक संवर्ग में नियुक्त होंगे। इसके लिये राज्य सरकार ने मप्र जनजातीय एवं अनुसूचित जाति शिक्षण संवर्ग सेवा एवं भर्ती नियम 2018 जारी कर दिये हैं। ये नियम गत 1 जुलाई,2018 से प्रभावशील किये गये हैं।
इससे अब सहायक अध्यापक प्राथमिक शिक्षक, अध्यापक माध्यमिक शिक्षक तथा वरिष्ठ अध्यापक उच्च माध्यमिक शिक्षक बन सकेंगे। इनमें उच्च माध्यमिक शिक्षक और माध्यमिक शिक्षक के पचास प्रतिशत पद सीधी भर्ती से तथा शेष पचास प्रतिशत पदोन्नति द्वारा भरे जायेंगे। प्रधानाध्यापक माध्यमिक के सभी पद पदोन्नति से भरे जायेंगे। कोच के 50 प्रतिशत पद भारतीय खेल प्राधिकरण से प्रतिनियुक्ति द्वारा तथा शेष पचास प्रतिशत पद पदोन्नति द्वारा भरे जायेंगे। प्राथमिक शिक्षक, प्रयोगशाला शिक्षक, खेलकूद शिक्षक तथा गायन/वादन शिक्षक के सभी पद सीधी भर्ती से भरे जायेंगे। सीधी भर्ती से पात्रता परीक्षा आयोजित होगी जिसमें आरक्षित वर्ग को न्यूनतम 50 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग को न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक लाना जरुरी होंगे। सीधी भर्ती के शिक्षकों के पदों में 25 प्रतिशत पद ऐसे अतिथि शिक्षकों के लिये रखे जायेंगे जिन्होंने न्यूनतम तीन शैक्षणिक सत्रों में एवं न्यूनतम 200 या इससे अधिक दिवस अध्यापन का कार्य किया हो।
- डॉ. नवीन जोशी
आदिवासी विकसखण्डों में पदस्थ 1 लाख 11 हजार 72 अध्यापक भी बनेंगे शिक्षक
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Bhopal 👤By: Admin Views: 1835
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