15 मार्च 2026। टेक कंपनी OpenAI अपने लोकप्रिय चैटबॉट ChatGPT में AI वीडियो जनरेशन टूल Sora को इंटीग्रेट करने की योजना बना रही है। The Information की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कदम से प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल और ऑपरेशनल लागत दोनों बढ़ सकते हैं।
फिलहाल Sora एक अलग ऐप और वेबसाइट के रूप में उपलब्ध है, लेकिन इसे ChatGPT में जोड़ने से इसकी पहुंच काफी बढ़ सकती है। इससे AI बाजार में ChatGPT की प्रतिस्पर्धा भी तेज हो सकती है, क्योंकि अभी अधिकतर AI टूल मुख्य रूप से टेक्स्ट और इमेज जनरेशन पर केंद्रित हैं। ऐसे में वीडियो बनाने की क्षमता को अगला बड़ा कदम माना जा रहा है।
Sora 2.0 से वीडियो बनाना, रीमिक्स करना और खुद को शामिल करना संभव
OpenAI ने 2025 के पतझड़ में Sora 2.0 मॉडल पेश किया था। इस मॉडल की मदद से यूजर AI-जनरेटेड वीडियो बना सकते हैं, उन्हें रीमिक्स कर सकते हैं और चाहें तो खुद को भी वीडियो में शामिल कर सकते हैं।
लॉन्च के समय The Wall Street Journal की रिपोर्ट में कहा गया था कि OpenAI ने हॉलीवुड स्टूडियो को चेताया था कि उनकी कॉपीराइट सामग्री AI से बने वीडियो में दिखाई दे सकती है, जब तक वे इसके लिए ऑप्ट-आउट न करें।
लोकप्रियता अभी सीमित, लेकिन ChatGPT से बढ़ सकती है पहुंच
Sora को अभी तक सोशल वीडियो प्लेटफॉर्म जैसी लोकप्रियता नहीं मिली है। लेकिन ChatGPT के साथ जुड़ने पर इसका यूजर बेस तेजी से बढ़ सकता है।
2026 की शुरुआत तक ChatGPT के साप्ताहिक सक्रिय उपयोगकर्ता 900 मिलियन से ज्यादा हो चुके थे, जो 2025 के अंत में लगभग 800 मिलियन थे। इतने बड़े प्लेटफॉर्म में वीडियो फीचर जोड़ना OpenAI के लिए बड़ा विस्तार माना जा रहा है।
अलग ऐप भी जारी रहेगा, लेकिन भविष्य अनिश्चित
रिपोर्ट के मुताबिक OpenAI फिलहाल Sora के अलग ऐप को भी चलाता रहेगा, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह व्यवस्था कितने समय तक जारी रहेगी।
Sora ऐप लॉन्च के बाद Apple के App Store में तेजी से नंबर-1 पर पहुंच गया था, लेकिन बाद में इसकी रैंक गिरकर करीब 165वें स्थान पर आ गई।
AI वीडियो बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा
Sora को कई कंपनियों से सीधी चुनौती मिल रही है। उदाहरण के लिए, Google के Gemini ऐप में उसके Veo मॉडल के जरिए वीडियो बनाने की सुविधा दी गई है। वहीं चीनी AI कंपनी StepFun ने हाल ही में अपना टेक्स्ट-टू-वीडियो मॉडल Step-Video-T2V लॉन्च किया है।
भारी लागत और नए कमाई मॉडल
ChatGPT को चलाने में OpenAI को हर साल अरबों डॉलर खर्च करने पड़ते हैं, क्योंकि इस सिस्टम को भारी कंप्यूटिंग पावर और ऊर्जा की जरूरत होती है।
हालांकि कंपनी के पास अलग-अलग सब्सक्रिप्शन प्लान हैं, लेकिन अधिकांश यूजर अभी भी फ्री वर्जन इस्तेमाल करते हैं। जुलाई 2025 तक ChatGPT के साप्ताहिक सक्रिय यूजर्स में से केवल लगभग 5% यानी करीब 35 मिलियन लोग ही भुगतान करने वाले सब्सक्राइबर थे।
कंपनी का अनुमान है कि 2030 तक करीब 2.6 अरब साप्ताहिक यूजर्स में से लगभग 8.5% लोग Plus सब्सक्रिप्शन लेंगे।
विज्ञापन भी बन सकते हैं नई कमाई का जरिया
चूंकि बड़ी संख्या में यूजर मुफ्त सेवा का इस्तेमाल करते रहेंगे, इसलिए OpenAI नए राजस्व मॉडल तलाश रहा है। इसी कड़ी में ChatGPT पर विज्ञापन दिखाने की योजना भी बनाई गई है। शुरुआत में यह विज्ञापन अमेरिका में मुफ्त या कम कीमत वाले प्लान इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को दिखाई दे सकते हैं।














