नई दिल्ली 12 जून 2026। भारत की एआई क्षमताओं को नई दिशा देते हुए एआई-नेटिव ट्रांसफॉर्मेशन कंपनी अवतार (AVTAAR) ने इंडिया एआई मिशन के सहयोग से विकसित स्वदेशी वीडियो जनरेशन मॉडल ‘वार्या’ (Varya) लॉन्च किया है। कंपनी का दावा है कि यह मॉडल वीडियो निर्माण प्रक्रिया को 50 चरणों से घटाकर मात्र 4 चरणों में पूरा कर देता है, जिससे यह मौजूदा वैश्विक मॉडलों की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक लागत-कुशल बन जाता है।
नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन तथा अवतार की नेतृत्व टीम की मौजूदगी में इस तकनीक का अनावरण किया गया।
भारत की विविधता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया मॉडल
कंपनी के अनुसार, ‘वार्या’ को भारत की सांस्कृतिक, सामाजिक और भाषाई विविधताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। यह मॉडल देश के विभिन्न क्षेत्रों, त्योहारों, समुदायों, खान-पान, परिधानों और दैनिक जीवन से जुड़े दृश्य तैयार करने में सक्षम है।
इसका उद्देश्य शिक्षा, ई-कॉमर्स, विज्ञापन, सार्वजनिक संचार और डिजिटल स्टोरीटेलिंग जैसे क्षेत्रों में टेक्स्ट को वीडियो में बदलने की प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाना है। उपयोगकर्ता केवल अपना विचार या टेक्स्ट दर्ज कर वीडियो तैयार कर सकते हैं और अतिरिक्त क्लिप जोड़कर उसे एक संपूर्ण कहानी का रूप दे सकते हैं।
इंडिया एआई मिशन के सहयोग से हुआ विकास
अवतार उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल है जिन्हें इंडिया एआई मिशन के तहत स्वदेशी एआई क्षमताओं के विकास के लिए चुना गया था। कंपनी को राष्ट्रीय एआई कंप्यूटिंग अवसंरचना तक रियायती पहुंच प्रदान की गई, जिससे ‘वार्या’ के विकास के लिए आवश्यक अनुसंधान और परीक्षण संभव हो सके।
50 चरणों की जगह केवल 4 चरणों में वीडियो निर्माण
कंपनी का कहना है कि पारंपरिक वीडियो जनरेशन मॉडल गुणवत्तापूर्ण आउटपुट देने से पहले 50 से अधिक प्रोसेसिंग चरणों से गुजरते हैं। वहीं ‘वार्या’ डिस्टिलेशन तकनीक की मदद से इस प्रक्रिया को केवल 4 चरणों तक सीमित कर देता है।
अवतार के आंतरिक बेंचमार्क के अनुसार, यह मॉडल लगभग 0.48 रुपये प्रति सेकंड की लागत पर वीडियो तैयार कर सकता है, जो कई अंतरराष्ट्रीय वीडियो एआई मॉडलों की तुलना में काफी सस्ता है।
‘किफायती एआई ही समावेशी एआई है’
लॉन्च के अवसर पर केंद्रीय आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि ‘वार्या’ का लॉन्च भारत की एआई यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल स्वदेशी अनुसंधान और तकनीकी क्षमता निर्माण का उदाहरण है तथा देश में एक मजबूत डीप-टेक इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में अहम कदम है।
वहीं अवतार के सह-संस्थापक और सीईओ श्रावंत अलुरु ने कहा कि भारत जैसे 1.4 अरब आबादी वाले देश में एआई की सफलता केवल उसकी क्षमता से नहीं, बल्कि उसकी पहुंच और किफायत से तय होगी।
उन्होंने कहा, “अगली एक अरब कहानियां, विज्ञापन, पाठ और डिजिटल अनुभव एआई के माध्यम से तैयार होंगे। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ये तकनीकें कुछ लोगों तक सीमित न रहकर सभी के लिए उपलब्ध हों।”
क्या है डिस्टिल्ड वीडियो जनरेशन तकनीक?
डिस्टिल्ड वीडियो जनरेशन मशीन लर्निंग की एक उन्नत मॉडल-कम्प्रेशन तकनीक है, जिसमें एक छोटा और तेज़ "स्टूडेंट मॉडल" बड़े "टीचर मॉडल" की क्षमताओं को सीखता है। इससे अनावश्यक गणनाएं कम हो जाती हैं और वीडियो निर्माण की गति बढ़ जाती है, जबकि गुणवत्ता लगभग समान बनी रहती है।
कंपनी का दावा है कि ‘वार्या’ भारत का पहला वीडियो जनरेशन मॉडल है जिसने इस तकनीक को बड़े पैमाने पर लागू किया है, जिससे उच्च गुणवत्ता वाले एआई वीडियो निर्माण को तेज, सस्ता और व्यापक रूप से सुलभ बनाया जा सकेगा।
अवतार के बारे में
अवतार (AVTAAR) एक एआई-नेटिव ट्रांसफॉर्मेशन कंपनी है, जो विभिन्न उद्योगों के लिए डोमेन-विशिष्ट एआई उत्पाद विकसित करती है। कंपनी का फोकस ऐसे एआई समाधानों पर है जो व्यवसायों की उत्पादकता बढ़ाने, नए परिचालन मॉडल विकसित करने और सुरक्षित बौद्धिक संपदा आधारित क्षमताओं का निर्माण करने में मदद करें।















