5 जून 2026। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की मूल कंपनी शिन्हुआनेट राष्ट्रपति शी जिनपिंग की राजनीतिक विचारधारा को बढ़ावा देने वाले एक आधिकारिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एजेंट के विकास पर 1.1 अरब युआन (करीब 162 मिलियन डॉलर) से अधिक निवेश करने जा रही है। यह जानकारी शंघाई स्टॉक एक्सचेंज में दायर दस्तावेजों से सामने आई है।
कंपनी के अनुसार, "शिन्हुआ युडियन" (Xinhua Dictionary) नामक यह परियोजना एक बुद्धिमान AI एजेंट होगी, जिसका उद्देश्य "नए युग के लिए चीनी विशेषताओं वाले समाजवाद पर शी जिनपिंग की सोच" का अध्ययन, शोध और प्रसार करना है।
राजनीतिक और समसामयिक जानकारी भी देगा AI
शिन्हुआनेट का कहना है कि यह AI टूल मुख्यधारा के मूल्यों को बढ़ावा देगा और "सकारात्मक आवाज़ों" के प्रसार के लिए काम करेगा। साथ ही यह उपयोगकर्ताओं को समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक समाचारों से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराएगा। कंपनी का दावा है कि इससे लोगों को सूचना की अधिकता और सही-गलत जानकारी की पहचान करने जैसी चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।
चीन के AI+ अभियान का हिस्सा
यह पहल चीन द्वारा मार्च 2026 में शुरू किए गए व्यापक "AI+" कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम विशेष रूप से डिजिटल दुनिया में सक्रिय युवा पीढ़ी तक सरकारी विचारधारा की पहुंच बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।
पहले भी लॉन्च हो चुका है प्रचार आधारित ऐप
गौरतलब है कि चीन ने 2019 में "ज़ुएक्सी कियांगगुओ" (Xuexi Qiangguo) नामक ऐप लॉन्च किया था, जिसका अर्थ है "चीन को मजबूत बनाने के लिए अध्ययन करें"। यह ऐप लॉन्च के कुछ ही समय बाद लोकप्रियता के मामले में WeChat और TikTok के चीनी संस्करणों को पीछे छोड़ते हुए Apple के चीन ऐप स्टोर पर शीर्ष स्थान पर पहुंच गया था।
शी जिनपिंग के भाषणों का देगा आधिकारिक संदर्भ
प्रस्तावित AI एजेंट उपयोगकर्ताओं को शी जिनपिंग के भाषणों और विचारों का सारांश उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा, अधिकारी और शोधकर्ता इसका उपयोग राजनीतिक रूप से संवेदनशील विषयों की जांच तथा आधिकारिक दस्तावेजों और नीतिगत व्याख्याओं में शी जिनपिंग के विचारों का सटीक संदर्भ सुनिश्चित करने के लिए कर सकेंगे।
शिन्हुआनेट के मुताबिक, यह AI सिस्टम सरकारी समाचार एजेंसी के "स्वच्छ और प्रमाणिक" डेटा संग्रह पर आधारित होगा। कंपनी का दावा है कि यह तकनीक समाज के विभिन्न वर्गों तक कम्युनिस्ट पार्टी की आवाज़ पहुंचाने और देश की वैचारिक तथा जनमत संबंधी नींव को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।















