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EU ने Meta पर साधा निशाना, Facebook और Instagram के 'लत लगाने वाले' फीचर्स पर उठाए सवाल

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📍 भोपाल
EU ने Meta पर साधा निशाना, Facebook और Instagram के 'लत लगाने वाले' फीचर्स पर उठाए सवाल
ब्रसेल्स 11 जुलाई 2026। यूरोपीय संघ (EU) ने Meta Platforms के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook और Instagram के डिज़ाइन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। यूरोपीय आयोग का आरोप है कि कंपनी के कई फीचर्स यूज़र्स को लंबे समय तक प्लेटफॉर्म पर बनाए रखने के लिए इस तरह तैयार किए गए हैं कि वे लत जैसी स्थिति पैदा कर सकते हैं, जिससे खासकर बच्चों और संवेदनशील यूज़र्स के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

यूरोपीय आयोग ने शुक्रवार को जारी अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कहा कि Meta ऑटोप्ले, इनफिनिट स्क्रॉल, लगातार आने वाले पुश नोटिफिकेशन और अत्यधिक पर्सनलाइज़्ड रिकमेंडेशन सिस्टम जैसे फीचर्स से जुड़े जोखिमों का सही मूल्यांकन करने में विफल रही है। आयोग के अनुसार कंपनी ने यह पर्याप्त रूप से नहीं आंका कि ये फीचर्स नाबालिगों के देर रात तक सोशल मीडिया इस्तेमाल या रील्स और स्टोरीज़ के अत्यधिक उपयोग को कैसे बढ़ावा दे सकते हैं।

आयोग ने यह भी कहा कि Meta द्वारा लागू किए गए मौजूदा सुरक्षा उपाय पर्याप्त नहीं हैं। केवल मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े संसाधनों के लिंक उपलब्ध कराना जोखिम कम करने के लिए पर्याप्त नहीं माना जा सकता। आयोग ने कंपनी को सुझाव दिया है कि वह अपने प्रमुख फीचर्स को दोबारा डिज़ाइन करे, प्रभावी स्क्रीन-टाइम ब्रेक लागू करे और रिकमेंडेशन एल्गोरिद्म को केवल यूज़र एंगेजमेंट बढ़ाने के बजाय सुरक्षित उपयोग को प्राथमिकता देने के लिए बदले।

हालांकि Meta ने आयोग के निष्कर्षों को खारिज कर दिया है। कंपनी का कहना है कि रिपोर्ट में उन सुरक्षा उपायों का उल्लेख नहीं किया गया है जिन्हें उसने पहले ही किशोर और कम उम्र के यूज़र्स की सुरक्षा के लिए लागू किया है।

यह मामला यूरोपीय संघ के डिजिटल सर्विसेज़ एक्ट (DSA) के तहत चल रही जांच का हिस्सा है। आयोग ने मई 2024 में जांच शुरू की थी ताकि यह पता लगाया जा सके कि Meta ने बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लागू उन नियमों का पालन किया है या नहीं, जिनके तहत कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म से जुड़े जोखिमों का आकलन कर उन्हें कम करना अनिवार्य है।

यदि आयोग के आरोप अंतिम जांच में सही साबित होते हैं, तो Meta पर उसके वैश्विक वार्षिक राजस्व का 6 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है। कंपनी के 2025 के राजस्व के आधार पर यह जुर्माना 12 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है।

यूरोपीय आयोग समानांतर रूप से यह भी जांच कर रहा है कि क्या Meta का रिकमेंडेशन सिस्टम तथाकथित "रैबिट होल इफेक्ट" पैदा करता है, जिसमें यूज़र्स लगातार एक जैसे कंटेंट में उलझे रहते हैं और विशेष रूप से कम उम्र के यूज़र्स की कमजोरियों का फायदा उठाया जाता है। अप्रैल में आयोग की एक अलग प्रारंभिक जांच में यह भी कहा गया था कि Meta 13 वर्ष से कम आयु के बच्चों को अपने प्लेटफॉर्म से दूर रखने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति ऑनलाइन बच्चों की सुरक्षा को लेकर अपनी सिफारिशें पेश करने वाली है। रिपोर्ट में बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर अधिक सख्त नियम और संभावित आयु-आधारित प्रतिबंधों जैसे उपायों पर विचार किया गया है। फ्रांस, इटली और स्पेन पहले ही युवा सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए कड़े नियामक प्रावधानों की मांग कर चुके हैं।
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