5 मई 2017, प्रदेश के मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह अब सिर्फ मीटिंग मेनेजमेंट सिस्टम यानी एमएमएस से ही विभागीय बैठकों की अध्यक्षता करेंगे। सभी विभागों से कहा गया है कि वे एमएमएस साफ्टवेयर सिस्टम के माध्यम से ही मुख्य सचिव से बैठक की अध्यक्षता करने के लिये अनुरोध करें न कि नस्ती या नोटशीट भेजकर बैठक की तिथि या समय के निर्धारण हेतु अनुरोध करें।
यह एमएमएस साफ्टवेयर एनआईसी ने तैयार किया है तथा इसमें बैठक का एजेण्डा, एजेण्डे के संबंध में संक्षिप्त नोट, संबंधित विभाग के कमेंट एवं विभागीय प्रस्ताव या निर्णय के सुझाव भी जोड़े गये हैं। विभागों को एमएमएस के माध्यम से बैठकों की अध्यक्षता करने का अनुरोध करने के दौरान उक्त बातें भी अपने अनुरोध में शामिल करना होंगी।
इसके अलावा, एमएमएस के माध्यम से प्रस्तावित बैठकों के लिये तीन प्राथमिकता क्रम होंगे। एक, ऐसे प्रस्ताव जो सर्वोच्च प्रााथमिकता के हों यानी जिनका निराकरण सामान्यत: तीन दिवस के भीतर करना हो। दो, उच्च प्राथमिकता वाले प्रस्ताव यानी जिनका निराकरण सामान्यत: दस कार्य दिवस के भीतर करना हो। तीन, सामान्य प्राथमिकता वाले प्रस्ताव यानी जिनका निराकरण सामान्यत: 21 कार्य दिवस के भीतर करना हो।
सभी विभागों के प्रमुखों से कहा गया है कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में संबंधित विभाग के वरिष्ठतम अधिकारी की उपस्थिति अपेक्षित होगी। यदि वे किसी कारणवश शामिल नहीं हो पा रहे हैं, तो तद्विषयक अनुमति मुख्य सचिव से प्राप्त करनी अनिवार्य होगी। बैठक में सहायता हेतु न्यूनतम संख्या में ही अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
- डॉ नवीन जोशी
मुख्य सचिव अब सिर्फ एमएमएस से ही विभागीय बैठकें करेंगे
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