11 मई 2017, आईटी अधिनियम 2000 एवं आधार अधिनियम 2016 के अनुसार पहचान संबंधी जानकारी जैसे नामए जन्म दिनांकए पता आदि के साथ आधार नम्बर इत्यादि का सार्वजनिक प्रकाशन पर रोक लगा दी गई है। यदि इस रोक के बाद भी यदि सार्वजिनक जानकारी को प्रकाशित कर उसको बांटा गया तो इसे अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन माना जाएगा तथ संंबंधित व्यक्ति पर आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किया जाएगा।
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिक मंत्रालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों में बैंक खातों के विवरण सहित वित्तीय सूचनाएं एवं संवेदनशील व्यक्तिगत आंकड़ो का आगामी प्रकाशन भी आईटी अधिनियम 2000 के तहत प्रावधानों का उल्लघंन माना जाएगा। स्पष्ट निर्देश है कि आईटी अधिनियम एवं आधार अधिनियम के तहत व्यक्तिगत डेटाए सार्वजनिक प्रकाशन पर तत्काल प्रभाव से बंद करने की कार्यवाही क्रियान्वित की जाए।
व्यक्तिगत पहचान संबंधी डेटा के सार्वजनिक प्रकाशन पर रोक
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Bhopal 👤By: DD Views: 17889
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