🔴 TRENDING NOW!
MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक मध्यप्रदेश का चारों ओर होगा विकास, सीएम डॉ. मोहन ने डेवलमेंट के लिए मंजूर किए 13 हजार 790 करोड़ रुपये ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी भारत की अगली रक्षा लड़ाई सिर्फ मिसाइल और लड़ाकू विमानों से नहीं, AI और Cyber Security से भी होगी हाउस ऑफ मैकडॉवेल्स सोडा ने ‘यारी की नई वाइब’ के साथ यारी को दिया नया अंदाज़ कूनो फिर हुआ गुलजार, मादा चीता केजीपी12 के परिवार में आए चार नन्हे शावक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया मध्यप्रदेश, शिप्रा तट-महाकाल महालोक में एक साथ जलाए गए 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

सरकार ने 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक 2017' के मसौदे पर जनता से मांगे सुझाव

👤
PDD
👁 22786 व्यूज
📍 New Delhi
सरकार ने 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक 2017' के मसौदे पर जनता से मांगे सुझाव
यह व्यापक रूप से देखा गया है कि बड़े आर्थिक अपराधी कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए भारत से भाग रहे हैं, यह प्रवत्ति भारत में कानून के शासन को कम करती है। ऐसे में एक प्रभावी, शीघ्र और संवैधानिक रूप से स्वीकार्य कदम उठाए जाने की जरूरत है ताकि इस तरह की गतिविधि पर रोक लगाई जा सके।



उपर्युक्त संदर्भ को देखते हुए बजट 2017-18 के बजट में सरकार द्वारा घोषणा की गई थी कि सरकार इस तरह के भगोड़ों की परिसंपत्तियों को जब्त करने के लिए विधायी परिवर्तन या नया कानून भी लाने पर विचार कर रही है, जब तक वे उचित कानूनी फोरम के समक्ष पेश नहीं होते।



उपरोक्त बजट घोषणा के अनुसार, 'भगोड़ा आर्थिक अपराध विधेयक 2017' नामक एक कानून मसौदा तैयार किया गया है। विधेयक के प्रमुख कानूनी प्रावधानों को समझाते हुए एक स्पष्टीकरण नोट और मसौदा विधेयक की प्रति को वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के मुख पृष्ठ http://dea.gov.in/recent-update पर पर डाला गया है।



सभी संबंधी हितधारक/जनता से अनुरोध है कि 3 जून, 2017 तक इस विधेयक के मसौदे पर अपनी टिप्पणियां/सुझाव भेजें। टिप्पणियां/सुझाव parveen.k63@gov.in पर ईमेल कर सकते हैं या इस पते पर हार्ड कॉपी भी भेज सकते हैं - परवीन कुमार, अवर सचिव (एफएसएलआरसी), आर्थिक मामलों का विभाग, वित्त मंत्रालय, कमरा नंबर 48, नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली - 110001.



Tags :