🔴 TRENDING NOW!
भारतीय संस्कृति में सिर्फ पर्यटन नहीं, तीर्थाटन की भावना महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुमार सानू, शंकर महादेवन और जावेद अली ‘सा रे गा मा पा 2026’ के दिवाली स्पेशल एपिसोड में जमाएंगे सुरों की महफिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के अंतर्गत स्वामित्व दस्तावेजों के पंजीयन अभियान में हुए शामिल उज्जैन के गौरव की “गिर गाय राधा” ने बनाया रिकार्ड, प्रतिदिन 19 लीटर से अधिक दूध देकर प्रदेश में हासिल किया सर्वाधिक दूध देने वाली गाय का स्थान प्रदेश में 63 हजार 296 करोड़ रूपये की लागत से बनेंगे 5 ग्रीन फील्ड कारीडोर स्कोडा ऑटो इंडिया ने 350 से अधिक ग्राहक संपर्क केंद्रों का आंकड़ा पार किया, 193 शहरों तक पहुँच का विस्तार किया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निभाया वादा, हनुमान अंश फिल्म के बुंदेली गायक सुनील लोधी के आंखों का उपचार शुरू सीएम डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने लिए अहम फैसले, डेवलपमेंट-इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए स्वीकार किए 23 हजार 300 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए उप पुलिस अधीक्षकों को दिए कर्तव्य मंत्र, कहा- रील से ज्यादा रियल प्रॉब्लम करें सॉल्व सीएम डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा- किसी की सगी नहीं हो सकती कांग्रेस

भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में दिखाई सख्ती, वाणिज्य मंत्री बोले – “हम अपनी शर्तों पर करेंगे बातचीत”

👤
prativad
👁 1882 व्यूज
📍 नई दिल्ली
भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में दिखाई सख्ती, वाणिज्य मंत्री बोले – “हम अपनी शर्तों पर करेंगे बातचीत”
7 जुलाई 2025। भारत अब अमेरिका के साथ संभावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर "अपनी ताकत और राष्ट्रीय हितों" के आधार पर बातचीत कर रहा है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को स्पष्ट कहा कि भारत अब किसी भी समयसीमा या दबाव में नहीं, बल्कि आत्मविश्वास के साथ सौदे की शर्तें तय कर रहा है।

गोयल ने हिंदू बिजनेसलाइन को दिए बयान में कहा, “आज भारत अपनी ताकत के बल पर बात कर रहा है। हम आत्मनिर्भर हैं और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में किसी से भी पीछे नहीं।” उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है, लेकिन भारत किसी भी दबाव की समयसीमा में नहीं बंधेगा। “हम अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए हर वैश्विक जुड़ाव पर निर्णय लेते हैं,” उन्होंने जोड़ा।

यह बयान ऐसे समय पर आया है जब अमेरिका और भारत 9 जुलाई की एक अनौपचारिक डेडलाइन के भीतर समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। यह समयसीमा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस टैरिफ अभियान के संदर्भ में है, जो उन्होंने ‘मुक्ति दिवस’ घोषित करते हुए 10% से लेकर 70% तक के शुल्क लागू किए थे – उन देशों पर, जो अमेरिका के साथ "अनुचित व्यवहार" कर रहे थे।

भारत का उद्देश्य है कि इस समझौते के जरिए उसे श्रम-प्रधान वस्तुओं (जैसे वस्त्र, चमड़ा, जूते आदि) के निर्यात के लिए अमेरिकी बाजार तक अधिक पहुंच मिले। हिंदू बिजनेसलाइन ने एक सूत्र के हवाले से लिखा, “भारत चाहता है कि उसे इन क्षेत्रों में अन्य देशों के मुकाबले वरीयता मिले।”

कुछ रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका के साथ व्यापार समझौता अंतिम चरण में है, जबकि कुछ का मानना है कि यह चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, भारत ने कई अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ घटाने की पेशकश की है, लेकिन कृषि और डेयरी जैसे "संवेदनशील क्षेत्रों" में स्पष्ट लाल रेखाएं खींच दी हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में कहा था, “भारत ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा, जिससे हमारे किसानों या कृषि व्यवस्था को नुकसान पहुंचे।”

भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2024-25 में $131.8 बिलियन तक पहुंच गया, जिसमें भारत को $41.18 बिलियन का व्यापार अधिशेष रहा – यानी भारत अमेरिका को जितना निर्यात करता है, उससे कहीं कम आयात करता है।

उधर अमेरिका ने ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में यूके और वियतनाम के साथ नए व्यापार समझौते किए हैं। साथ ही चीन के साथ भी टैरिफ सीमित करने के लिए एक अस्थायी समझौता किया गया है।

भारत अब वैश्विक मंच पर सिर्फ "मांगने वाला" नहीं, बल्कि एक सशक्त और रणनीतिक रूप से सोचने वाला खिलाड़ी बन चुका है – और अमेरिका के साथ यह नया व्यापार समझौता इसी नई सोच की एक मिसाल हो सकता है।
Tags :