3 जुलाई 2017। अब प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में इलाज हेतु जाने वाले रोगियों से उनकी पर्ची बनाते वक्त उनका मोबाईल नम्बर एवं आधार नम्बर लिया जायेगा। आयुष विभाग के आयुर्वेदिक, होम्योपैथी, यूनानी एवं प्राकृतिक चिकित्सा औषधालयों में इसकी श्ुरुआत हो गई है। मप्र विधानसभा भवन में स्थित सरकारी आयुर्वेदिक एवं हौमयोपैथी डिस्पेंसरी में भी आयुष विभाग का फरमान पहुंच गया है तथा अब स्पीकर, डिप्टी स्पीकर, मंत्रिपरिषद सदस्यों, विधायकों सहित अन्य हरेक व्यक्ति को उपचार हेतु डाक्टर को अपना मोबाईल एवं आधार नम्बर देना होगा।
यह सारी कवायद भारत सरकार के निर्देश पर हो रही है। केंद्र ने आगामी 1 जुलाई से अपनी विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों के लिये आधार नम्बर जरुरी कर दिया है। इसी तारतम्य में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में भी आने वाले मरीजों के लिये मोबाईल नम्बर सहित आधार नम्बर देना जरुरी किया जा रहा है। पहले चरण में आयुष विभाग के अस्पतालों एवं डिसपेंसरियों में इसकी शुरुआत कर दी गई है।
इसके लिये आयुष विभाग ने एक प्रोफार्मा अपने आयुष डाक्टरों को भेजा है जिसमें आने वाले मरीजों के मोबाईल नम्बर एवं आधार नम्बर के उल्लेख का भी कालम बना हुआ है। अब आयुष डाक्टर अपने रजिस्टर में भी मरीज के नाम के साथ उसका मोबाईल नम्बर एवं आधार नम्बर ले रहे हैं।
- डॉ नवीन जोशी
मंत्रियों एवं विधायकों को इलाज हेतु देना होगा मोबाईल एवं आधार नम्बर
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Bhopal 👤By: PDD Views: 18057
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