15 सितंबर 2017। प्रदेश के वन विभाग के अंतर्गत संचालित डिपो से राष्ट्रीयकृत एवं अराष्ट्रीयकृत इमारती लकडिय़ों का विक्रय अब ई-आक्शन के जरिये होगा। 28 साल बाद राज्य सरकार ने नीलामी की पध्दति में बदलाव कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि वन डिपो से लकडिय़ों के विक्रय हेतु 30 जून,1989 को अधिसूचना जारी कर राज्य सरकार ने सार्वजनिक नीलामी की व्यवस्था की थी। लेकिन इसके बाद 23 जून, 2017 को आदेश जारी कर हरदा उत्पादन वनमंडल के टिमरनी डिपो में सार्वजनिक नीलामी ई-आक्शन से करने की प्रायोगिक व्यवस्था की गई। हालांकि टिमरनी डिपो में ई-आक्शन की व्यवस्था नहीं हो पाई और अब राज्य सरकार ने वर्ष 1989 की अधिसूचना में संशोधन कर सभी वन डिपो में ई-आक्शन की व्यवस्था लागू कर दी।
नवीन प्रावधान के अनुसार, अब इलेक्ट्रानिक आक्शन में भाग लेने के लिये क्रेता को राज्य सरकार के पोर्टल ई प्रोक्योरमेंट पर पंजीयन कराना होगा। यदि क्रेता राष्ट्रीयकृत ईमारती लकड़ी का क्रय करना चाहता है तो उसे क्षेत्रीय वनमंडलाधिकारी से प्राप्त पंजीयन की प्रति पोर्टल पर अपलोड करना होगी। इलेक्ट्रानिक आक्शन में क्रेता को इलेक्ट्रानिक हस्ताक्षर करना होगा। साथ ही उसे अब धरोहर राशि एक हजार रुपये के स्थान पर 5 हजार रुपये जमा करना होगी। इलेक्ट्रानिलक आक्शन में असफल बोली लगाने वाले क्रेता की बयाने की धरोहर राशि अगले कार्य दिवस में इलेक्ट्रानिक रुप से वापस की जायेगी।
इन डिपो में लागू होगा ई-आक्शन :
उत्पादन वनमंडल खण्डवा, बैतूल, मंडला, सिवनी, डिण्डौरी, छिन्दवाड़ा, रायसेन, बालाघाट तथा देवास एवं कीर्ति नगर नई दिल्ली डिपो। सामान्य वनमंडल के अंतर्गत इंदौर, सिंगरौली, विदिशा, होशंगाबाद, पन्ना, सीधी, सीहोर, उत्तर शहडोल, उमरिया, दक्षिण शहडोल, दक्षिण सागर, दमोह, छतरपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर तथा टीकमगढ़।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, वन विभाग के डिपों से लकडिय़ों का विक्रय अब ई-आक्शन के जरिये कर दिया गया है। पहले टिमरनी डिपो से इसकी शुरुआत होनी थी परन्तु प्रशिक्षण के अभाव में यह नहीं हो पाया। यह नई व्यवस्था एक-एक डिपो में बारी-बारी से शुरु की जायेगी। इसके लिये साफ्टवेयर तैयार हैं, बस आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाना है।
- डॉ नवीन जोशी

अब वन डिपो से लकडिय़ों का विक्रय ई-नीलामी से होगा
Place:
Bhopal 👤By: DD Views: 18164
Related News
Latest News
- भोपाल मेट्रो टनलिंग धीमी, सुरक्षा के लिए ‘दुर्गावती’ TBM की रफ्तार घटाई गई
- 'कोई ताकत कमल खिलने से नहीं...,' पश्चिम बंगाल में दहाड़े सीएम डॉ. मोहन, कुछ ऐसा रहा माहौल
- EU का एज-वेरिफिकेशन ऐप विवादों में, Pavel Durov ने बताया “निगरानी का औज़ार”
- '...जनता देगी जवाब,' महिला सशक्तिकरण बिल पास न होने पर कांग्रेस पर बरसे सीएम डॉ. मोहन
- टीईटी को लेकर संवेदनशील सीएम डॉ. मोहन यादव, प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई पुनर्विचार याचिका
Latest Posts














