🔴 TRENDING NOW!
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के अंतर्गत स्वामित्व दस्तावेजों के पंजीयन अभियान में हुए शामिल उज्जैन के गौरव की “गिर गाय राधा” ने बनाया रिकार्ड, प्रतिदिन 19 लीटर से अधिक दूध देकर प्रदेश में हासिल किया सर्वाधिक दूध देने वाली गाय का स्थान प्रदेश में 63 हजार 296 करोड़ रूपये की लागत से बनेंगे 5 ग्रीन फील्ड कारीडोर स्कोडा ऑटो इंडिया ने 350 से अधिक ग्राहक संपर्क केंद्रों का आंकड़ा पार किया, 193 शहरों तक पहुँच का विस्तार किया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निभाया वादा, हनुमान अंश फिल्म के बुंदेली गायक सुनील लोधी के आंखों का उपचार शुरू सीएम डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने लिए अहम फैसले, डेवलपमेंट-इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए स्वीकार किए 23 हजार 300 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए उप पुलिस अधीक्षकों को दिए कर्तव्य मंत्र, कहा- रील से ज्यादा रियल प्रॉब्लम करें सॉल्व सीएम डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा- किसी की सगी नहीं हो सकती कांग्रेस AI की कमाई पर उठे सवाल, टेक शेयरों में 2 ट्रिलियन डॉलर की भारी गिरावट भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं, आयु सीमा पार कर रहे अभ्यर्थी

मानसून सत्र की अवधि बढ़ाने नेता प्रतिपक्ष ने लिखी मुख्यमंत्री को चिट्ठी

👤
DD
👁 2613 व्यूज
📍 Bhopal
मानसून सत्र की अवधि बढ़ाने नेता प्रतिपक्ष ने लिखी मुख्यमंत्री को चिट्ठी
10 जून 2019। मध्यप्रदेश की 15 वीं विधानसभा का 19 दिवसीय मानसून सत्र 8 जुलाई से शुरू होगा, जो 26 जुलाई तक चलेगा। इस सत्र में बजट भी प्रस्तुत किया जाएगा और कुल 15 बैठकों वाला यह सत्र अभी तक का सबसे छोटा बजट सत्र होगा। इसकी अवधि को बढ़ाने के लिए नेता प्रतिपक्ष श्री गोपाल भार्गव ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को चिट्ठी लिखी है।



नेता प्रतिपक्ष श्री गोपाल भार्गव ने मानसून सत्र की अवधि बढ़ाने के लिए शनिवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ को चिट्ठी लिखी है। नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में विभिन्न वर्षों में बजट सत्रों की अवधि बताते हुए कहा है कि यह सत्र कम से कम पांच सप्ताह का रहता आया है। उन्होंने कहा है कि पन्द्रवीं विधानसभा को गठित हुए छह माह बीत चुके हैं और इस दौरान प्रदेश में अनेक ज्वलंत समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। इन समस्याओं पर विधानसभा में अब तक चर्चा नहीं हो सकी है। वहीं, बजट सत्र की अवधि से प्रतीत होता है सरकार मात्र 15 दिवस में सभी शासकीय और अशासकीय कार्य निपटा लेना चाहती है, जो कि व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। नेता प्रतिपक्ष श्री गोपाल भार्गव ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बजट सत्र की अवधि को बढ़ाकर कम से कम पांच सप्ताह यानी 25 कार्य दिवस किए जाने की मांग की है। उन्होंने लिखा है कि सामान्यतः यह परंपरा रही है कि सत्रों की अवधि विपक्ष से चर्चा के उपरांत ही तय की जाती है, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस परंपरा को भी तोड़ दिया है।
Tags :