विधानसभा में कांग्रेस का नया नाटक: भैंस और बीन से सरकार पर वार
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prativad
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📍 भोपाल
29 जुलाई 2025। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस विधायकों ने जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए एक बार फिर अनोखे विरोध का तरीका अपनाया। इस बार दो विधायक भैंस का मुखौटा पहनकर आए, जबकि अन्य साथी विधायक बीन बजाते नज़र आए। कांग्रेस ने यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाने के लिए किया।
भैंस के आगे बीन बजाकर सरकार की चुप्पी पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने यह संदेश देने की कोशिश की कि जैसे भैंस के आगे बीन बजाने से कोई असर नहीं होता, वैसे ही प्रदेश सरकार जनता से जुड़े मुद्दों पर पूरी तरह मौन है। सिंघार ने कहा, "सरकार न युवाओं की बेरोजगारी पर ध्यान दे रही है, न किसानों की तकलीफों पर। ओबीसी आरक्षण का मुद्दा हो या लाड़ली बहनों से किए गए 3000 रुपये मासिक वादे, सरकार ने सबको नजरअंदाज कर दिया है।"
एक दिन पहले गिरगिट, आज भैंस—विरोध का सिलसिला जारी
यह पहला मौका नहीं जब कांग्रेस ने प्रतीकात्मक विरोध किया हो। सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायक गिरगिट लेकर विधानसभा पहुंचे थे, जिससे यह संदेश देना चाहा कि सरकार रंग बदलने में माहिर है। हालांकि, विधानसभा सचिवालय की ओर से विधायकों को पहले ही सख्त हिदायत दी गई थी कि परिसर में नारेबाजी या प्रदर्शन न किया जाए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का पलटवार: “विधायक अपनी गरिमा भूल रहे”
कांग्रेस के इस प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "विधायक करीब ढाई लाख मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करता है। इस तरह के वेश में आकर प्रदर्शन करना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ भी है।"
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "कभी गिरगिट, कभी भैंस और बीन… कांग्रेस केवल रंग बदलने की राजनीति करती है। आज़ादी के बाद से यही रवैया रहा है—बेवजह समाज को भड़काने का प्रयास और मूल मुद्दों से ध्यान हटाना। जब उनकी खुद की सरकार थी, तब कभी जातिगत जनगणना नहीं कराई।"
जनता के मुद्दों को उठाने का कांग्रेस का संकल्प
उमंग सिंघार ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अपनी भूमिका से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा, "हम विधानसभा के हर सत्र में जनता के मुद्दे पूरी ताकत से उठाते रहेंगे, चाहे सरकार अनदेखी करे या जवाब देने से बचे।"
कांग्रेस तो समाज को भड़काने का काम करती है, जाति जनगणना न कराना कांग्रेस का ही सबसे बड़ा पाप है...
हमारी सरकार कोर्ट में लंबित मामलों में 27% ओबीसी आरक्षण के समर्थन में पूरी मजबूती से खड़ी है। साथ ही, 13% लंबित पदों पर भी अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता के आधार पर उनका हक दिलाने… pic.twitter.com/Va4XcUSmBQ