🔴 TRENDING NOW!
ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी भारत की अगली रक्षा लड़ाई सिर्फ मिसाइल और लड़ाकू विमानों से नहीं, AI और Cyber Security से भी होगी हाउस ऑफ मैकडॉवेल्स सोडा ने ‘यारी की नई वाइब’ के साथ यारी को दिया नया अंदाज़ कूनो फिर हुआ गुलजार, मादा चीता केजीपी12 के परिवार में आए चार नन्हे शावक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया मध्यप्रदेश, शिप्रा तट-महाकाल महालोक में एक साथ जलाए गए 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड भारत के सरकारी और रक्षा संस्थानों पर साइबर खतरा, APT36 के नए Malware अभियान से अलर्ट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सीएम डॉ. मोहन यादव ने की सेवा-संकल्प अभियान की शुरुआत, स्वामित्व अधिकार योजना के तहत 50 लाख संपत्तियों की होगी फ्री रजिस्ट्री

शासकीय अधिकार जनसेवा के लिये होते हैं रौब के लिए नहीं- प्रमुख सचिव विधान सभा

👤
prativad
👁 970 व्यूज
📍 भोपाल
शासकीय अधिकार जनसेवा के लिये होते हैं रौब के लिए नहीं- प्रमुख सचिव विधान सभा
31 मई 2024। आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी के माध्यम से लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित राज्य सेवा के अधिकारियों के 62+62 सदस्यीय बैच को ए.पी.सिंह, प्रमुख सचिव विधान सभा द्वारा विधान सभा परिसर में संबोधित किया गया।

प्रमुख सचिव ए.पी. सिंह द्वारा युवा अधिकारियों को विधान सभा की प्रक्रिया के संबंध में विधान निर्माण, बजट आदि की विस्तार से जानकारी देते हुये उल्लेख किया कि विधान सभा प्रदेश की जनता द्वारा निर्वाचित सर्वोच्च विधायी संस्था है इसी के माध्यम से शासन चलाने हेतु कार्यपालिका को जरूरी कानून व बजट उपलब्ध कराया जाता है तथा इसके द्वारा संवैधानिक व्यवस्था के तहत विभिन्न प्रक्रियाओं तथा सभा समितियों के माध्यम से कार्यपालिका पर नियंत्रण रखा जाता है। विधायिका एवं जनप्रतिनिधि सदस्यों का सम्मान व गरिमा रखना कार्यपालिका का दायित्व है।

प्रमुख सचिव द्वारा उल्लेगख किया गया कि शासकीय आधिकारियों को जो अधिकार प्राप्त होते हैं वह राष्ट्र, प्रदेश व जनता की सेवा में उपयोग के लिये हैं। इसलिये राज्य सेवा के लिये चयनित अधिकारी यह ध्यान रखें की अपने अधिकारों का उपयोग अहम या रौब दिखाने के लिये न करें। श्री सिंह द्वारा अधिकारियों को उनके व्यक्तित्व, कृतित्व के संबंध में वृक्ष का उदाहरण देते हुये नसीहत दी गई कि जैसे वृक्ष पहले अपने पत्तों के द्वारा छाया प्रदान करता है, जैसे-जैसे वृक्ष का कद बड़ा होता है उसकी छाया का दायरा भी बढ़ता चला जाता है और जब वृक्ष में फल लगते हैं तो वह झुक जाता है। इसी तरह शासकीय सेवकों को अपने व्यक्तित्व व कर्तव्य के विस्ताह से विकास में योगदान एवं आम जन का कल्याण करना चाहिये तथा उच्च‍ पद या ओहदा बढ़ने पर फल लगे वृक्ष की भांति विनम्र होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिये साथ ही आवश्यकतानुसार नवाचार भी अपने कार्य क्षेत्र में किये जायें इससे सेवा के क्षेत्र में बेहतर परिणाम दे सकेंगे।

उल्लेाखनीय है कि राज्य प्रशासन अकादमी 112 व 113 वें क्षमता निर्माण संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित राज्य सेवा के अधिकारियों द्वारा विधान सभा भवन का अवलोकन कर विधान सभा प्रमुख सचिव ए.पी. सिंह से भेंट की गई।
Tags :