3 अगस्त 2024। देश ने पिछले साल चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर अपना परचम लहराकर इतिहास रच दिया था। अब उसकी नजरें मंगल और चाँद पर हैं। खबरों के मुताबिक, भारत लद्दाख की बर्फीली वादियों में चाँद और मंगल जैसी परिस्थितियाँ बनाने की योजना बना रहा है।
इसके पीछे की सोच है कि चाँद और मंगल पर जाने से पहले धरती पर ही उनकी नकल कर ली जाए। लद्दाख की पहाड़ियां और वहाँ का मौसम काफी हद तक चाँद और मंगल से मिलता-जुलता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यहाँ उपकरणों का परीक्षण, अंतरिक्ष यात्रियों को प्रशिक्षण देने और जरूरी रिसर्च करने का बेहतर मौका मिलेगा।
ये सब हो रहा है, जब भारत ने चाँद पर चंद्रयान-3 और सूरज पर आदित्य-L1 मिशन की कामयाबी से दुनिया को चौंकाया है। अब उसकी नजरें अंतरिक्ष में और आगे बढ़ने की हैं। भारत का अगला पड़ाव है ?गगनयान? मिशन, जिसके तहत भारतीय अंतरिक्ष में जाएंगे। इसके बाद देश अपना खुद का स्पेस स्टेशन बनाएगा और फिर चाँद पर कदम रखेगा।
भारत ने साल 2013 में मंगल पर अपना पहला यान भेजा था, लेकिन वो अब संपर्क में नहीं है। अब भारत फिर से मंगल पर जाने की तैयारी कर रहा है। इस बार एक रोवर और एक हेलीकॉप्टर भी भेजा जाएगा।















