4 अप्रैल 2026। भारत की समुद्री ताकत को बड़ा बढ़ावा मिला है। भारतीय नौसेना ने अपने बेड़े में ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल से लैस अत्याधुनिक स्टेल्थ फ्रिगेट INS तारागिरी को शामिल कर लिया है।
इस युद्धपोत को शुक्रवार को विशाखापत्तनम स्थित पूर्वी नौसेना कमान मुख्यालय में रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने औपचारिक रूप से कमीशन किया। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत के पूर्वी समुद्री क्षेत्र के बढ़ते रणनीतिक महत्व को दर्शाता है और नौसेना की ऑपरेशनल क्षमता को और मजबूत करेगा। साथ ही, यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल को भी गति देता है।
स्वदेशी तकनीक का दम
INS तारागिरी को Warship Design Bureau ने डिजाइन किया है और इसका निर्माण Mazagon Dock Shipbuilders Limited ने किया है। करीब 6,670 टन वजनी इस युद्धपोत में 75% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है, जो भारत की नौसैनिक इंजीनियरिंग क्षमता का मजबूत उदाहरण है।
हथियार और तकनीक
यह फ्रिगेट ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइलों से लैस है, जिन्हें Defence Research and Development Organisation और रूस के NPO Mashinostroyeniya ने मिलकर विकसित किया है। इसके अलावा, जहाज़ में मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और एडवांस एंटी-सबमरीन वॉरफेयर सिस्टम भी लगाए गए हैं।
लंबी दूरी और तेज़ ऑपरेशन
INS तारागिरी को लंबी दूरी तक तेज़ गति से ऑपरेशन करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें ‘कंबाइंड डीज़ल या गैस प्रोपल्शन सिस्टम’ लगाया गया है, जो इसे विभिन्न मिशनों में लचीलापन देता है।
सिर्फ युद्ध नहीं, राहत में भी उपयोगी
यह युद्धपोत केवल युद्ध क्षमता ही नहीं बढ़ाएगा, बल्कि मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों में भी अहम भूमिका निभाएगा।
कुल मिलाकर, INS तारागिरी की एंट्री भारतीय नौसेना के लिए सिर्फ एक नया जहाज़ नहीं, बल्कि समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक संतुलन को मजबूत करने वाला बड़ा कदम है।















