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चीन में रूसी ऊर्जा कंपनियों को ‘पांडा बॉन्ड’ जारी करने की तैयारी

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📍 नई दिल्ली
चीन में रूसी ऊर्जा कंपनियों को ‘पांडा बॉन्ड’ जारी करने की तैयारी
9 सितंबर 2025। बीजिंग जल्द ही अपने घरेलू बॉन्ड बाज़ार को प्रमुख रूसी ऊर्जा कंपनियों के लिए खोलने की योजना बना रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसाटॉम और गैस दिग्गज गज़प्रोम युआन-मूल्य वाले पांडा बॉन्ड जारी करने पर विचार कर रहे हैं।

2022 में यूक्रेन संघर्ष के बाद पश्चिमी पूंजी बाजारों से बाहर किए जाने के चलते रूसी कंपनियां एशिया में नए वित्तीय विकल्प तलाश रही हैं। फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, चीनी नियामकों ने हाल ही में संकेत दिया है कि वे इस पहल का समर्थन करेंगे। पांडा बॉन्ड वे ऋण होते हैं जिन्हें विदेशी कंपनियां चीन में युआन में जारी करती हैं।

रूसी उप वित्त मंत्री इवान चेबेस्कोव ने पुष्टि की कि चीनी समकक्षों के साथ इस मुद्दे पर बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा, “हम यह देख रहे हैं कि इसे सबसे अच्छे तरीके से कैसे लागू किया जाए।”

अगर यह योजना आगे बढ़ती है तो यह 2022 के बाद मुख्यभूमि चीन में रूसी कॉर्पोरेट द्वारा धन जुटाने का पहला कदम होगा। इससे पहले 2017 में एल्युमीनियम कंपनी रुसल ने पांडा बॉन्ड के ज़रिए 1.5 अरब युआन जुटाए थे।

हालांकि, किसी भी बॉन्ड जारी करने के लिए चीनी नियामकों की मंज़ूरी आवश्यक होगी और निवेशकों को द्वितीयक प्रतिबंधों के खतरे का आकलन करना होगा। रॉयटर्स से बातचीत में डेन्स्के बैंक के विश्लेषक एलन वॉन मेहरेन ने कहा कि यही जोखिम चीनी बैंकों को सतर्क बनाता है।

बीते सप्ताह चीनी रेटिंग एजेंसी सीएससीआई पेंगयुआन ने गज़प्रोम को एएए रेटिंग दी, जिससे संभावित बॉन्ड जारी करने की राह आसान हो सकती है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन “बिना सीमा वाली साझेदारी” को और मज़बूत कर रहे हैं।
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