20 मई 2026। अमेरिका की एक संघीय अदालत में टेक उद्यमी एलन मस्क को बड़ा झटका लगा है। नौ सदस्यीय जूरी ने OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन और अन्य अधिकारियों के खिलाफ मस्क के मुकदमे को खारिज कर दिया। जूरी ने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया जिनमें दावा किया गया था कि कंपनी ने अपने मूल मिशन से हटकर गैर-कानूनी तरीके से खुद को एक मुनाफ़ा कमाने वाले मॉडल में बदल लिया।
मस्क ने OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन, प्रेसिडेंट ग्रेग ब्रॉकमैन और अन्य अधिकारियों पर आरोप लगाया था कि उन्होंने कंपनी को एक गैर-लाभकारी रिसर्च लैब से बदलकर लाभ कमाने वाले व्यवसाय में तब्दील कर दिया। मस्क का कहना था कि उन्होंने इस परियोजना में 38 मिलियन डॉलर का निवेश किया था और इसके बदले 150 बिलियन डॉलर के हर्जाने की मांग की थी। उन्होंने कंपनी के मौजूदा नेतृत्व को हटाने की भी मांग की थी और कहा था कि यदि उन्हें मुआवज़ा मिलता है तो वह रकम कंपनी की गैर-लाभकारी शाखा को दान कर देंगे।
सोमवार को आए फैसले में जूरी ने माना कि मस्क ने मुकदमा दायर करने में कानूनी समय सीमा पार कर दी थी। जूरी की भूमिका सलाहकार थी, लेकिन बाद में जज यवोन गोंजालेज रोजर्स ने उसके निष्कर्ष को अदालत का आधिकारिक फैसला मानते हुए मस्क के दावों को खारिज कर दिया।
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि मस्क का असली उद्देश्य OpenAI पर नियंत्रण हासिल करना था। उनके अनुसार, मस्क को 2017 में ही बता दिया गया था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च के लिए इतनी बड़ी फंडिंग की आवश्यकता होगी, जो केवल लाभ आधारित कॉरपोरेट ढांचे के जरिए संभव थी।
सुनवाई के दौरान ऑल्टमैन ने गवाही में दावा किया कि मस्क ने कभी कंपनी में 90 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग की थी। उन्होंने यह भी कहा कि मस्क ने Tesla और OpenAI के विलय का प्रस्ताव रखा था, ताकि AI कंपनी को बड़े स्तर की फंडिंग मिल सके।
मामले में एक और दिलचस्प पहलू सामने आया। कंपनी के चेयरमैन ब्रेट टेलर के अनुसार, फरवरी 2025 में मस्क की AI कंपनी xAI के नेतृत्व वाले एक समूह ने OpenAI के अधिग्रहण का औपचारिक प्रस्ताव भी दिया था।
फैसले के बाद मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने दोहराया कि ऑल्टमैन और ब्रॉकमैन ने "एक चैरिटी को लूटकर खुद को मालामाल किया" और कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। मस्क ने अदालत के फैसले को "बेहद विनाशकारी" बताते हुए आरोप लगाया कि इससे चैरिटी संस्थाओं के दुरुपयोग का गलत उदाहरण स्थापित होगा।















