16 मार्च 2026। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध की कवरेज को लेकर कई मीडिया संस्थानों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मीडिया संगठन जानबूझकर ऐसी खबरें फैला रहे हैं जो ईरान के पक्ष में माहौल बनाती हैं। ट्रंप ने यहां तक कहा कि गलत जानकारी फैलाने वाले मीडिया संस्थानों पर देशद्रोह के आरोप लगाए जाने चाहिए।
रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लंबी पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि कई रिपोर्टें और तस्वीरें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किया गया प्रोपेगैंडा हैं, जिन्हें कथित तौर पर तेहरान ने गढ़ा है और कुछ मीडिया संस्थान उन्हें बिना जांच के फैला रहे हैं।
ट्रंप के मुताबिक, इन कथित फर्जी तस्वीरों और वीडियो में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और संसाधनों पर हमले दिखाए गए हैं। इनमें ईंधन भरने वाले सैन्य विमान, नौसैनिक जहाज और यहां तक कि विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln को जलते हुए दिखाने जैसी तस्वीरें शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ तस्वीरों में तथाकथित “कामिकेज़ नावें” दिखाई गई हैं, जिनका असल में कोई अस्तित्व ही नहीं है। ट्रंप ने इन सभी दावों को खारिज करते हुए कहा कि यह AI से तैयार किया गया दुष्प्रचार है, जिसका उद्देश्य ईरान को सैन्य रूप से सफल दिखाना है।
ट्रंप के अनुसार, संघर्ष के दौरान केवल एक अमेरिकी विमान को नुकसान हुआ था, जो 28 फरवरी को तनाव बढ़ने के बाद से सेवा से बाहर है।
हालांकि कई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि क्षेत्र में दस से अधिक अमेरिकी विमान क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए हैं। इनमें सऊदी अरब में क्षतिग्रस्त हुए ईंधन भरने वाले विमान, कथित तौर पर “फ्रेंडली फायर” में गिराए गए लड़ाकू विमान, कई ड्रोन और इराक में दुर्घटनाग्रस्त हुआ एक ईंधन भरने वाला विमान शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा क्षेत्र के कुछ सैन्य ठिकानों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें हैं।
गौरतलब है कि अमेरिका और इज़राइल ने फरवरी के अंत में ईरान के खिलाफ समन्वित सैन्य हमले शुरू किए थे, जिसके जवाब में तेहरान ने पूरे क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई की थी। युद्ध और उसके प्रभाव को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं, जिससे सूचना युद्ध और प्रोपेगैंडा को लेकर बहस भी तेज हो गई है।














