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पेंटागन ने बड़ी AI कंपनियों से समझौते किए, Anthropic बाहर

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📍 भोपाल
पेंटागन ने बड़ी AI कंपनियों से समझौते किए, Anthropic बाहर
2 मई 2026। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने अपनी क्लासिफाइड सिस्टम्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को तेज़ी से शामिल करने के लिए कई बड़ी टेक कंपनियों के साथ समझौते किए हैं। इन डील्स का मकसद सैन्य अभियानों में AI के इस्तेमाल को बढ़ाना और टेक्नोलॉजी सप्लायर कंपनियों के दायरे को व्यापक बनाना है।

पेंटागन के मुताबिक, SpaceX, OpenAI, Google, NVIDIA, Reflection, Microsoft, Amazon Web Services और Oracle जैसे दिग्गजों के AI सिस्टम को “कानूनी परिचालन उपयोग” के तहत तैनात किया जाएगा। इन्हें रक्षा विभाग के हाई-सिक्योरिटी नेटवर्क (Impact Level 6 और 7) में इंटीग्रेट किया जाएगा, ताकि डेटा एनालिसिस तेज हो, स्थिति की समझ बेहतर बने और जटिल हालात में सैनिकों के फैसले अधिक सटीक हो सकें।

रक्षा विभाग का आधिकारिक AI प्लेटफॉर्म GenAI.mil भी तेजी से इस्तेमाल में आया है। पिछले पांच महीनों में 13 लाख से ज्यादा कर्मियों ने इसका उपयोग किया, जिससे लाखों प्रॉम्प्ट और AI एजेंट तैयार हुए। पेंटागन का दावा है कि इस तकनीक ने कई कामों की गति महीनों से घटाकर कुछ दिनों तक ला दी है।

हालांकि, इन समझौतों में एक बड़ा नाम गायब है—Anthropic। इस साल की शुरुआत में पेंटागन ने कंपनी को “सप्लाई-चेन रिस्क” घोषित कर दिया था। विवाद तब शुरू हुआ जब Anthropic ने अपनी AI टेक्नोलॉजी पर सुरक्षा सीमाओं में ढील देने से इनकार कर दिया। कंपनी का कहना था कि उसकी तकनीक का इस्तेमाल घरेलू निगरानी या बिना मानवीय नियंत्रण वाले हथियारों में किया जा सकता है।

इस फैसले के बाद Anthropic को रक्षा विभाग के संभावित कॉन्ट्रैक्ट्स से बाहर कर दिया गया। हाल ही में सीनेट की सुनवाई में अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कंपनी के CEO डारियो अमोदेई पर तीखी टिप्पणी करते हुए उनकी सोच को “अतिवादी” बताया।

विवाद अब अदालत तक पहुंच चुका है, जहां Anthropic पेंटागन के फैसले को चुनौती दे रही है और “सप्लाई-चेन रिस्क” का टैग हटाने की मांग कर रही है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सैन्य क्षेत्र में AI का इस्तेमाल कितनी हद तक सुरक्षित और नियंत्रित रह सकता है।
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