13 जुलाई 2026। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने वेव्स 2027 के तहत आयोजित होने वाले 'क्रिएट इन इंडिया चैलेंज' (Create in India Challenge) सीज़न-2 के लिए मीडिया और मनोरंजन उद्योग से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। इस पहल का उद्देश्य उद्योग की भागीदारी से युवाओं में रचनात्मकता, कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देना है। चयनित चुनौतियों के सफल संचालन के लिए प्रत्येक परियोजना को अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक का एकमुश्त अनुदान भी दिया जा सकता है।
सीज़न-2 के लिए प्रस्ताव जमा करने और चयन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं योग्यता-आधारित बनाने के लिए मंत्रालय ने एक एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। इसके माध्यम से उद्योग संघ, संस्थान और संगठन अपनी चुनौती संबंधी परियोजनाएं ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकेंगे।
इस पहल के तहत 50 से अधिक उद्योग-संचालित चुनौतियों का आयोजन किया जाएगा। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), एवीजीसी-एक्सआर (Animation, Visual Effects, Gaming, Comics और Extended Reality), डिजिटल एवं सोशल मीडिया, एनीमेशन, वीएफएक्स, ऑनलाइन गेमिंग, ई-स्पोर्ट्स, कॉमिक्स, फिल्म, प्रसारण, संगीत, नृत्य और मीडिया एवं मनोरंजन के अन्य उभरते क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा।
मंत्रालय का कहना है कि इन चुनौतियों का उद्देश्य नई प्रतिभाओं की पहचान करना, उन्हें प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देना, कौशल विकास को बढ़ावा देना तथा उद्योग और नवाचार के बीच सहयोग को मजबूत करना है। चयनित प्रतिभागियों और उनके उत्कृष्ट कार्यों को वेव्स 2027 के दौरान आयोजित 'क्रिएटोस्फीयर' प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया जाएगा।
मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र से जुड़े संस्थान 31 जुलाई 2026 तक निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने प्रस्ताव जमा कर सकते हैं। प्रस्तावों का मूल्यांकन उनके दृष्टिकोण, नवाचार, कौशल विकास, जमीनी स्तर तक पहुंच, अपेक्षित परिणाम और तकनीकी एवं वित्तीय मानकों के आधार पर किया जाएगा।
क्या है 'क्रिएट इन इंडिया चैलेंज'?
'क्रिएट इन इंडिया चैलेंज' विश्व ऑडियो विजुअल एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन (WAVES) की प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य भारत की रचनात्मक प्रतिभाओं को पहचानना, उन्हें मंच उपलब्ध कराना और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। पहले सीज़न में 33 उद्योग-संचालित चुनौतियों का सफल आयोजन किया गया था। अब दूसरे सीज़न में युवाओं की भागीदारी, उद्योग साझेदारी, कौशल विकास और उभरती तकनीकों पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि "Create in India, Create for the World" के विजन को आगे बढ़ाया जा सके।














