🔴 TRENDING NOW!
AI से आगे सुपरइंटेलिजेंस की दुनिया: क्या .si डोमेन बन सकता है डिजिटल पहचान का नया विकल्प? मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिया सख्त एक्शन, जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग निलंबित AI एजेंट्स में भी जेंडर बायस: एक ही काम के लिए महिला एजेंट को पुरुष से 10.25% कम भुगतान मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों एवं संस्थानों का सम्मान जमीन से आसमान तक जियो, 1,600 सैटेलाइट और 23 ग्राउंड स्टेशन के साथ कनेक्टिविटी की नई छलांग भारत में AI रेगुलेशन की तैयारी: एक महीने में आएगा कंसल्टेशन पेपर, Deepfake और साइबर सुरक्षा पर फोकस भारत में Starlink की देरी पर मस्क का बड़ा आरोप, ‘ओलिगार्क्स’ पर लगाया रोकने का आरोप मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट से प्रदेश के आतिथ्य और पर्यटन अर्थव्यवस्था को मिलेगी वैश्विक पहचान: मुख्य सचिव बर्णवाल पर्यटन की दृष्टि से असीम संभावनाओं का केंद्र है मध्यप्रदेश - मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (MPTM) 2026 का सातवां संस्करण भोपाल में बुधवार से; मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे शुभारंभ

चौदह माह बाद तीन पटवारियों को मिली बहाली, वेब जीआईएस साफ्टवेयर की जांच में नहीं पाई लापरवाही

👤
DD
👁 18602 व्यूज
📍 Bhopal
चौदह माह बाद तीन पटवारियों को मिली बहाली, वेब जीआईएस साफ्टवेयर की जांच में नहीं पाई लापरवाही
25 अक्टूबर 2017। कलेक्टर कार्यालय स्थित वेब जीआईएस साफ्टवेयर की औचक निरीक्षण करने पहुंचे राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री उमाशंकर गुप्ता साफ्टवेयर में गड़बड़ी की आशंका के चलते तीन पटवारियों को निलंबन के रूप में खामियाजा भुगतना पड़ा। 14 माह बाद तीनों पटवारियों को बहाल कर दिया गया है। हालांकि इस मामले में पूरी जांच के बाद लापरवाही जैसी बात सामने नहीं आई। ऐसे में इन्हें बहाली के आदेश राजस्व विभाग ने मंगलवार को जारी कर दिए थे। बुधवार को ये तीनों पटवारी चरण सिंह लवाना, महेश राजन व अमित दीक्षित ने अपनी ज्वाइनिंग तहसील हुजूर कार्यालय में दे दी है।



ये था मामला -

4 अगस्त 2016 को राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने तहसील हुजूर कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान वे सीधे सायर रिकार्ड रूम के बाहर खसरा बी-1 लेने लगी किसानों की लम्बी लाईन में जाकर खड़े हो गए थे। किसान शिवनारायण, राम कुमार पाटीदार और मदनलाल ने उन्हें खड़ा देखकर यह शिकायत की थी कि पटवारी सीमांकन करने में आनाकानी करते हैं। उनका यह कहना था कि इनके द्वारा रिकार्ड अपडेट नहीं किया जा रहा है। उन्होंने यह भी शिकायत की थी कि सीमांकन व नामांतरण की फीस कम होने के बाद भी उनसे अधिक फीस वसूली जा रही है। मंत्री ने शिकायत को सही पाई। इधर, पटवारियों ने उन्हें यह बताया था कि यह गड़बड़ी वेब जीआईएस साफ्टवेयर के चलते हो रही है, लेकिन उस समय मंत्री ने इनकी बात पर ध्यान नहीं देते हुए तीनों पटवारियों को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। निरीक्षण के दौरान तत्कालीन तहसीलदार सुधीर कुशवाह व एसडीएम माया अवस्थी पर भी मंत्री श्री गुप्ता ने नाराजगी जताई थी।



Tags :