ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमले की योजना को दी मंजूरी: वॉल स्ट्रीट जर्नल
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📍 नई दिल्ली
वॉशिंगटन/तेहरान, 20 जून 2025। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कथित रूप से ईरान पर प्रत्यक्ष सैन्य हमले की योजना को गुप्त रूप से मंजूरी दे दी है, हालांकि अब तक इस पर अंतिम आदेश जारी नहीं किया गया है। यह दावा प्रतिष्ठित अमेरिकी अख़बार वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की एक रिपोर्ट में किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर गहरी चिंता में है और इज़राइल के बमबारी अभियान में अमेरिका की संभावित भागीदारी से ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति पर विचार कर रहा है। हालांकि ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से अंतिम निर्णय लेने से इनकार किया है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि तेहरान अपने संवर्धन कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त नहीं करता, तो सैन्य कार्रवाई से इंकार नहीं किया जा सकता।
फोर्डो परमाणु संयंत्र बना केंद्र बिंदु
ट्रंप ने सलाहकारों से यह भी जानकारी मांगी है कि क्या अमेरिकी मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर (MOP) बम, ईरान के फोर्डो परमाणु संयंत्र को नष्ट कर सकते हैं, जो एक पर्वतीय क्षेत्र के भीतर स्थित है। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, इज़राइल के पास इस तरह की क्षमता नहीं है, न ही ऐसा कोई विमान है जो 30,000 पाउंड वजनी बंकर-बस्टर बम ले जा सके।
डिएगो गार्सिया बेस पर तैनात हैं अमेरिकी बमवर्षक
फाइनेंशियल टाइम्स की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, छह अमेरिकी बी-2 स्पिरिट बमवर्षकों को संयुक्त यूके-यूएस सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया पर तैनात किया गया है। ये विमान MOP बम गिराने में सक्षम हैं। हालांकि ब्रिटेन की सरकार को आशंका है कि इस तरह का कोई भी हमला उसे भी संघर्ष में खींच सकता है।
मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य जमावड़ा बढ़ा
इस बीच, अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति को और मजबूत किया है। टैंकर विमानों, युद्धपोतों और एक अतिरिक्त विमान वाहक समूह को क्षेत्र में भेजा गया है।
ट्रंप के कड़े बयान, ईरान की चेतावनी
ट्रंप ने हाल ही में दावा किया कि अमेरिका के लड़ाकू विमान ईरानी हवाई क्षेत्र पर ‘निर्विवाद नियंत्रण’ रखते हैं। उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को निशाना बनाते हुए कहा कि उन्हें मारना "आसान" होगा। साथ ही ईरान से "बिना शर्त आत्मसमर्पण" की मांग की।
इसके जवाब में, खामेनेई ने कहा है कि "ईरान किसी भी प्रकार की ज़बरदस्ती के आगे नहीं झुकेगा।" ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि कोई भी सैन्य कार्रवाई वाशिंगटन के लिए "अपूरणीय क्षति" का कारण बन सकती है।
ट्रंप के इन बयानों और योजनाओं ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव की आशंका को और बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध किसी भी दिशा में मोड़ ले सकता है, जिसकी वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता पर गहरी छाप पड़ सकती है।