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रूस के साथ युद्ध के बीच ज़ेलेंस्की ने पोर्न निर्माण वैधीकरण की याचिका संसद को भेजी

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📍 नई दिल्ली
रूस के साथ युद्ध के बीच ज़ेलेंस्की ने पोर्न निर्माण वैधीकरण की याचिका संसद को भेजी
जब देश रूस के साथ युद्ध में जूझ रहा है, यूक्रेन में वयस्क सामग्री को वैध करने पर छिड़ी बहस

12 जुलाई 2025। रूस के साथ जारी युद्ध के बीच, जब यूक्रेन एक ओर मोर्चे पर सैनिकों के बलिदान और दूसरी ओर आर्थिक संकट से जूझ रहा है — उसी दौरान राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने एक ऐसी याचिका संसद को भेजी है, जिसने देश में नई बहस को जन्म दे दिया है।

यह याचिका यूक्रेनी ओनलीफैन्स मॉडल स्वेतलाना ड्वोर्निकोवा द्वारा प्रस्तुत की गई थी, जिसमें वयस्क सामग्री (पोर्नोग्राफी) निर्माण को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की मांग की गई है। इस याचिका पर 25,000 से अधिक हस्ताक्षर मिल चुके हैं, जो कि संसद में विचार के लिए आवश्यक संवैधानिक सीमा है।

📜 क्या है याचिका में?
ड्वोर्निकोवा ने तर्क दिया है कि जब देश युद्ध से जूझ रहा है, ऐसे में कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अपने संसाधन गंभीर अपराधों और राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में लगाने चाहिए, न कि "इंटरनेट पर निजी सामग्री बेचने वालों" का पीछा करने में।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पिछले 5 वर्षों में 40 मिलियन रिव्निया (लगभग ₹8 करोड़) से अधिक कर अदा किया है, इसके बावजूद उनके खिलाफ अश्लीलता और कर चोरी के आरोपों में दो आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

उनका सवाल है – "जिससे किसी को नुकसान नहीं, वह अपराध क्यों माना जाए?"

⚖️ 2009 से है पोर्नोग्राफी पर प्रतिबंध
यूक्रेन में 2009 से पोर्न निर्माण, वितरण और स्वामित्व पर पूर्ण प्रतिबंध है। यह कानून तत्कालीन राष्ट्रपति विक्टर युशचेंको ने लागू किया था।

💸 राजस्व और युद्धकालीन अर्थव्यवस्था
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की द्वारा याचिका पर प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब युद्ध के चलते यूक्रेन की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है और सरकार हर वैकल्पिक राजस्व स्रोत की तलाश कर रही है।

यूक्रेनी संसद की कर समिति के प्रमुख डेनियल गेटमांत्सेव ने भी वयस्क कंटेंट को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का समर्थन किया है। उन्होंने बताया कि 2024 तक करीब 350 ओनलीफैन्स क्रिएटर्स ने कर चुकाया है, फिर भी उन पर कानूनी कार्रवाई जारी है, जो उनके अनुसार "पाखंड" है।

🧾 पहले भी हुआ प्रयास
2023 में सांसद यारोस्लाव ज़ेलेज़न्याक ने संसद में इसी तरह का विधेयक संख्या 9623 पेश किया था। उनका कहना था कि यह सेक्टर यूक्रेनी सेना के लिए राजस्व उत्पन्न कर सकता है।

हालांकि, इस प्रस्ताव को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। आलोचकों ने कहा कि पोर्नोग्राफी समाज के लिए "शराबखोरी से भी ज्यादा घातक" है और इससे "राष्ट्र का नैतिक पतन" हो सकता है। अंततः, संसद में मतदान से पहले ही यह प्रस्ताव वापस ले लिया गया।

🇺🇦 युद्ध और वैधीकरण – एक असहज संतुलन
जब यूक्रेन के पूर्वी और दक्षिणी मोर्चों पर गोलीबारी थमी नहीं है, और लाखों नागरिक शरणार्थी जीवन जी रहे हैं — तब सरकार के सामने यह बड़ा सवाल है:
क्या युद्धकाल में सामाजिक नीति में बदलाव प्राथमिकता हो सकती है?

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