🔴 TRENDING NOW!
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के अंतर्गत स्वामित्व दस्तावेजों के पंजीयन अभियान में हुए शामिल उज्जैन के गौरव की “गिर गाय राधा” ने बनाया रिकार्ड, प्रतिदिन 19 लीटर से अधिक दूध देकर प्रदेश में हासिल किया सर्वाधिक दूध देने वाली गाय का स्थान प्रदेश में 63 हजार 296 करोड़ रूपये की लागत से बनेंगे 5 ग्रीन फील्ड कारीडोर स्कोडा ऑटो इंडिया ने 350 से अधिक ग्राहक संपर्क केंद्रों का आंकड़ा पार किया, 193 शहरों तक पहुँच का विस्तार किया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निभाया वादा, हनुमान अंश फिल्म के बुंदेली गायक सुनील लोधी के आंखों का उपचार शुरू सीएम डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने लिए अहम फैसले, डेवलपमेंट-इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए स्वीकार किए 23 हजार 300 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए उप पुलिस अधीक्षकों को दिए कर्तव्य मंत्र, कहा- रील से ज्यादा रियल प्रॉब्लम करें सॉल्व सीएम डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा- किसी की सगी नहीं हो सकती कांग्रेस AI की कमाई पर उठे सवाल, टेक शेयरों में 2 ट्रिलियन डॉलर की भारी गिरावट भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं, आयु सीमा पार कर रहे अभ्यर्थी

अब अमेरिका वीज़ा के लिए सोशल मीडिया प्रोफाइल की भी होंगी जाँच

👤
prativad
👁 3603 व्यूज
📍 नई दिल्ली
अब अमेरिका वीज़ा के लिए सोशल मीडिया प्रोफाइल की भी होंगी जाँच
18 जुलाई 2025। अमेरिका में वीज़ा प्राप्त करना अब पहले से अधिक सख्त हो गया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि अब वीज़ा आवेदकों की "ऑनलाइन उपस्थिति", विशेष रूप से सोशल मीडिया अकाउंट्स, को भी वीज़ा प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा।

नई नीति के अनुसार, F, M और J श्रेणी के गैर-आप्रवासी वीज़ा के लिए आवेदन करने वाले छात्रों और एक्सचेंज विज़िटर्स को अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल को सार्वजनिक (Public) करना अनिवार्य होगा। इससे अधिकारियों को यह देखने का अवसर मिलेगा कि कोई आवेदक अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा तो नहीं।

विदेश विभाग के अनुसार, “हर वीज़ा निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होता है, और हम वीज़ा जाँच में सभी उपलब्ध सूचनाओं का उपयोग करते हैं, जिनमें सोशल मीडिया भी शामिल है।”

व्यक्तिगत स्वतंत्रता बनाम सुरक्षा?
इस कदम से निजता की चिंताओं पर बहस तेज हो गई है। इस बीच एक अन्य घटना ने इस नीति को और भी चर्चित बना दिया है। नॉर्वे के एक 21 वर्षीय पर्यटक मैड्स मिकेलसन का दावा है कि न्यू जर्सी के नेवार्क हवाई अड्डे पर अमेरिकी बॉर्डर पैट्रोल ने उनके मोबाइल फोन की जांच के दौरान एक मीम मिलने पर उन्हें अमेरिका में प्रवेश से रोक दिया।

उस मीम में एक अमेरिकी राजनेता जेडी वेंस को एक बच्चे के सिर के साथ दिखाया गया था। मिकेलसन के अनुसार, अधिकारियों ने उन्हें अपमानित किया, फोन खंगाला और यहां तक कि कपड़े उतरवाकर तलाशी ली।

विश्लेषण:
सोशल मीडिया अब केवल संवाद का माध्यम नहीं रहा, बल्कि अमेरिका जैसे देशों के लिए यह अब राष्ट्रीय सुरक्षा और वीज़ा नीति का हिस्सा बन चुका है। इससे जहां सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ी है, वहीं निजता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी नई बहस शुरू हो गई है।
Tags :