🔴 TRENDING NOW!
भारत में AI रेगुलेशन की तैयारी: एक महीने में आएगा कंसल्टेशन पेपर, Deepfake और साइबर सुरक्षा पर फोकस भारत में Starlink की देरी पर मस्क का बड़ा आरोप, ‘ओलिगार्क्स’ पर लगाया रोकने का आरोप मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट से प्रदेश के आतिथ्य और पर्यटन अर्थव्यवस्था को मिलेगी वैश्विक पहचान: मुख्य सचिव बर्णवाल पर्यटन की दृष्टि से असीम संभावनाओं का केंद्र है मध्यप्रदेश - मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (MPTM) 2026 का सातवां संस्करण भोपाल में बुधवार से; मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे शुभारंभ नई स्‍कोडा स्‍लेविया जो कहे सबकुछ — स्टाइल, दमदार खूबियों और आत्मविश्वास के साथ 50 लाख बच्चों ने बुना 'मेरे सपनों का भारत,' सीएम डॉ. मोहन ने विजेताओं को दिए पुरस्कार, कहा- बच्चों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार सीएम डॉ. मोहन ने एसआईआर को बताया जरूरी, कहा- भ्रम या अफवाह पर नागरिक न दें ध्यान Good News: कूनो में KJP21 ने दिया 5 शावकों को जन्म, सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी बधाई एशियन गेम्स के 85 में से 29 पदकों में रिलायंस फाउंडेशन का योगदान, नीता अंबानी ने दी बधाई

आरएनटीयू के टैगोर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय का दीक्षारंभ समारोह संपन्न

👤
prativad
👁 1551 व्यूज
📍 भोपाल
आरएनटीयू के टैगोर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय का दीक्षारंभ समारोह संपन्न
24 सितंबर 2025। हर रंगकर्मी को जीवन को गहराई से देखने की आदत होनी चाहिए। जीवन को समग्रता में जीना और घूमते रहकर दुनिया को देखना आपकी कला और जीवन को नये तरीके से देखने की दृष्टि देता है। नाटक ही ऐसी कला है जो अकेले नहीं की जा सकती। इसमें आपसी समन्वय जरूरी है। ये बात वरिष्ठ कला समीक्षक, कवि और चित्रकार प्रयाग शुक्ल ने कही। वे रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के शारदा सभागार में टैगोर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के सत्र 2025-2027 के नवागंतुक विद्यार्थियों के दीक्षारंभ समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपने नाट्य पत्रिका के संपादन के दौरान के संपादकीय और रंगकर्म के अनुभव भी साझा किए।

समारोह की अध्यक्षता रबीन्द्रनाथ टैगोर विष्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को कला की शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन को भी अपने जीवन में गंभीरता से बरतना चाहिए। साथ ही निरंतर अध्ययनशील रहकर अपने कार्य के प्रति ईमानदार एवं दृढ़ दृढ़ निश्चयी रहे। विशिष्ट अतिथि मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय के निदेशक श्री संजय श्रीवास्तव, विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. आर.पी. दुबे, कुलसचिव डॉ. संगीता जौहरी ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।

स्वागत उद्बोधन और नाट्य विद्यालय की गतिविधि का परिचय नाट्य विद्यालय के निदेशक श्री अविजित सोलंकी ने दिया। इस दौरान विश्वविद्यालय और विश्व रंग पर आधारित एक फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।

प्रारंभ में मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन किया गया। अतिथियों का स्वागत विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों द्वारा किया गया। समारोह में नाट्य विद्यालय के नवागंतुक विद्यार्थियों ने अपने-अपने क्षेत्र के लोक गीतों की प्रस्तुति दी। आभार नाट्य विद्यालय के विभागाध्यक्ष डॉ. चैतन्य आठले ने माना। विश्वविद्यालय के प्रो वाइस चांसलर डॉ. संजीव गुप्ता, मानविकी एवं उदार कला संकाय की डीन डॉ. रूचि मिश्रा तिवारी, विभागाध्यक्ष डॉ. हर्षा शर्मा आदि उपस्थिति थे। कार्यक्रम का संयोजन समन्वय नाट्य विद्यालय के सह निर्देशक विक्रांत भट्ट ने किया।

गौरतलब है कि टैगोर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के एम.ए. ड्रामाटिक्स के सत्र-2025-2027 में मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, आसाम, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड के लगभग 25 विद्यार्थियों का चयन किया गया है।
Tags :