30 नवंबर 2025। साइबर ठग अब WhatsApp हैकिंग के लिए नए तरीके अपना रहे हैं। ताज़ा मामला फाइनेंस डिपार्टमेंट के पूर्व डायरेक्टर नितिन नंदगांवकर का है, जिनका WhatsApp हैक कर स्कैमर्स ने उनके दोस्तों और रिश्तेदारों से अर्जेंट पैसे की मांग शुरू कर दी।
सबसे चौंकाने वाली बात यह कि जब नंदगांवकर ने अपनी पत्नी के फोन से WhatsApp रिकवर करने की कोशिश की, तो उनका फोन भी हैक हो गया। यानी ठगों ने एक ही चाल में दोनों डिवाइस पर कब्जा कर लिया।
ठगी का तरीका
अरेरा कॉलोनी में रहने वाले रिटायर्ड अधिकारी को गुरुवार सुबह एक कॉल आया। खुद को कूरियर कंपनी का कर्मचारी बताने वाले ठग ने कहा कि डिलीवरी बॉय उनका पता नहीं ढूंढ पा रहा है। फिर उसने एक दूसरा नंबर दिया और उस पर कॉल करने को कहा।
नंदगांवकर ने कॉल किया, पर नंबर लगा नहीं। कुछ सेकंड बाद एक SMS आया, जिसमें 21 से शुरू होने वाला एक “स्पेशल कोड” था। इसे उन्होंने डिलीवरी बॉय का नंबर समझकर अपने फोन से डायल कर दिया।
बस यहीं ठगों की चाल चल गई।
21 डायल करते ही उनके फोन की आने वाली कॉल और SMS दोनों ठगों के नंबर पर फॉरवर्ड होने लगे। WhatsApp का OTP भी वहीं पहुंचा, और स्कैमर्स ने उनका अकाउंट हाइजैक कर लिया।
पत्नी के फोन से WhatsApp रिकवर करने की कोशिश की, लेकिन OTP पहले ही ठगों के पास पहुंच चुका था। नतीजा—दूसरा फोन भी हैक।
इसके बाद नंदगांवकर के कई कॉन्टैक्ट्स को “अर्जेंट मनी” के मैसेज जाने लगे। कई लोगों ने कॉल करके स्थिति समझी, और नंदगांवकर ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत कर बैंक अकाउंट फ्रीज करवा दिए।
पुलिस की कार्रवाई
दंपति हबीबगंज थाने पहुंचे, जहां से केस साइबर क्राइम ब्रांच को भेजा गया। टेक टीम दोनों WhatsApp अकाउंट रिकवर करने और ठगों का नंबर ट्रेस करने में जुटी है।
कैसे काम करती है यह ठगी
• स्कैमर पीड़ित को कॉल करके 21 जैसा एक कोड डायल करने को कहते हैं।
• कोड डायल होते ही कॉल और SMS फॉरवर्डिंग एक्टिव हो जाती है।
• OTP उनके पास पहुंच जाता है और WhatsApp समेत कई ऐप्स का एक्सेस मिल जाता है।
खुद को कैसे सुरक्षित रखें
• किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर 21 जैसे कोड कभी डायल न करें।
• OTP किसी को न दें, चाहे बात कितनी भी असली लगे।
• अनजान नंबरों पर कॉल बैक करने से बचें।
• धोखाधड़ी का शक हो तो तुरंत बैंक और पुलिस को सूचना दें।
छात्रा भी हुई इसी तरह की ठगी का शिकार
दो दिन पहले एक छात्रा के साथ भी यही ट्रिक चलाया गया। कूरियर डिलीवरी का बहाना बनाकर उसे एक कोड भेजा गया। जैसे ही उसने क्लिक किया, कॉल-फॉरवर्डिंग और WhatsApp दोनों ठगों के कब्जे में चले गए।
अगले ढाई घंटे तक हैकर ने उसकी प्रोफाइल से अश्लील मैसेज भेजे, उसकी महिला कॉन्टैक्ट्स से न्यूड फोटो मांगीं और QR कोड के जरिये पैसे ऐंठने की कोशिश की। छात्रा का आरोप है कि साइबर सेल ने मदद के बजाय उसे इधर-उधर भेजा और FIR भी दर्ज नहीं हुई।
कुछ घंटे बाद WhatsApp रिकवर हो गया, लेकिन तब तक ठग कई लोगों को परेशान कर चुका था।














