×

चीन ने AI विशेषज्ञों की विदेश यात्राओं पर कड़ा नियंत्रण लगाया: रिपोर्ट

News from Bhopal, Madhya Pradesh News, Heritage, Culture, Farmers, Community News, Awareness, Charity, Climate change, Welfare, NGO, Startup, Economy, Finance, Business summit, Investments, News photo, Breaking news, Exclusive image, Latest update, Coverage, Event highlight, Politics, Election, Politician, Campaign, Government, prativad news photo, top news photo, प्रतिवाद, समाचार, हिन्दी समाचार, फोटो समाचार, फोटो
Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 126

28 मई 2026। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन अब अपने शीर्ष आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विशेषज्ञों और टेक उद्यमियों की विदेश यात्राओं पर सख्त निगरानी रख रहा है। दावा किया गया है कि बीजिंग चाहता है कि AI सेक्टर से जुड़े प्रमुख लोग विदेश जाने से पहले सरकारी मंजूरी लें।

Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार, यह नई नीति Alibaba, DeepSeek और अन्य अग्रणी टेक कंपनियों से जुड़े AI शोधकर्ताओं, इंजीनियरों, स्टार्टअप संस्थापकों और अधिकारियों पर लागू की जा रही है। रिपोर्ट में गुमनाम सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि चीन सरकार अब AI टैलेंट को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी रणनीतिक संपत्ति के रूप में देख रही है।

बताया गया है कि इन विशेषज्ञों पर अब वैसी ही निगरानी और यात्रा संबंधी प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं, जैसे पहले परमाणु वैज्ञानिकों और सरकारी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों पर लागू होते थे। हालांकि, चीनी सरकार ने अब तक इन खबरों की न तो पुष्टि की है और न ही खंडन किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, बीजिंग को डर है कि महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी और विशेषज्ञता पश्चिमी देशों तक पहुंच सकती है। इसी वजह से AI, रोबोटिक्स और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए चीन लगातार सख्त कदम उठा रहा है।

हाल ही में चीनी नियामकों ने Meta द्वारा चीनी AI स्टार्टअप Manus के प्रस्तावित 2 अरब डॉलर के अधिग्रहण को भी रोक दिया था। Manus ने 2025 में अपना मुख्यालय सिंगापुर स्थानांतरित कर लिया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच के दौरान कंपनी के दो अधिकारियों को चीन छोड़ने से अस्थायी रूप से रोक दिया गया था।

Bloomberg के सूत्रों का कहना है कि नई यात्रा पाबंदियां केवल Manus विवाद से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि यह एक व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य संवेदनशील तकनीक और विशेषज्ञता के बाहरी प्रवाह को नियंत्रित करना है।

पिछले कुछ वर्षों में चीन ने रेयर अर्थ मिनरल्स, सेमीकंडक्टर और AI सुपरकंप्यूटिंग से जुड़ी तकनीकों के निर्यात पर भी कई प्रतिबंध लगाए हैं। चीन दुनिया के लगभग 60 प्रतिशत रेयर अर्थ खनिजों का खनन और करीब 90 प्रतिशत प्रोसेसिंग करता है। इन संसाधनों को लेकर बीजिंग अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ तकनीकी प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

चीन की मौजूदा पंचवर्षीय योजना में AI, सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए “असाधारण कदम” उठाने पर जोर दिया गया है।

Related News

Global News