7 अप्रैल 2026। उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा को नई रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। बैठक में ग्रेटर नोएडा में एक नए निजी विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है।
इस यूनिवर्सिटी का नाम ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ होगा, जो निजी क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा और प्रदेश में आधुनिक शिक्षा के विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
ग्रेटर नोएडा में बनेगा मेट्रो विश्वविद्यालय
यह विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा में करीब 26.1 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। यह जमीन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा आवंटित की गई है। इस परियोजना को सनहिल हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित किया गया था, जिसे सभी कानूनी प्रक्रियाओं और जांच के बाद मंजूरी दी गई है।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि यह फैसला ‘उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019’ के तहत लिया गया है। इसके लिए अधिनियम में संशोधन कर ‘उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2026’ लागू किया जाएगा, साथ ही संस्था को संचालन के लिए आधिकारिक अनुमति भी दी जाएगी।
युवाओं को मिलेगा मौका
सरकार का मानना है कि इस विश्वविद्यालय के शुरू होने से प्रदेश के छात्रों को आधुनिक, स्किल-बेस्ड और रोजगारोन्मुख शिक्षा मिलेगी। साथ ही, इससे न केवल शिक्षा का स्तर बेहतर होगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्किल डेवलपमेंट के नए अवसर भी पैदा होंगे।















