
25 अगस्त 2025। उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर बड़ी नीति परिवर्तन की तैयारी है। जल्द ही केवल प्रदेश में निर्मित ईवी पर ही सब्सिडी उपलब्ध होगी। इस संबंध में प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है और अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।
अक्टूबर से लागू होने की संभावना वाली इस व्यवस्था के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में बनने वाले ईवी को ही सब्सिडी का लाभ मिलेगा। अभी तक राज्य में खरीदे जाने वाले, देश के किसी भी हिस्से में बने वाहनों पर यह सुविधा दी जा रही थी। नए नियम लागू होने पर यूपी में कंपनियों को उत्पादन इकाइयाँ लगानी होंगी, जिससे रोजगार बढ़ेगा और प्रदेश के राजस्व में भी सुधार होगा।
अब तक का सब्सिडी लाभ
वर्ष 2022 में राज्य ने ईवी पॉलिसी लागू की थी, जिसके तहत टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क पर 100% छूट दी गई।
अब तक लगभग 60 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है।
केवल अप्रैल से अब तक 40 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है।
17,665 वाहन मालिक इसका लाभ ले चुके हैं, जबकि लगभग 38,285 आवेदन लंबित हैं।
कितनी सब्सिडी मिलती है?
₹5,000 : प्रति दोपहिया ईवी
₹1,00,000 : प्रति चारपहिया ईवी
₹20,00,000 : प्रति ई-बस
₹1,00,000 : प्रति ई-गुड्स कैरियर
बदलाव से संभावित फायदे
परिवहन विभाग का कहना है कि स्थानीय स्तर पर बने ईवी पर सब्सिडी देने से न केवल रोजगार सृजन होगा बल्कि बड़ी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए प्रेरित किया जा सकेगा। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और औद्योगिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।
परिवहन आयुक्त बी.एन. सिंह ने बताया कि अक्टूबर में ईवी पॉलिसी के तीन वर्ष पूरे होने जा रहे हैं और इसी मौके पर नया नियम लागू करने पर विचार किया जा रहा है। अंतिम निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा।