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यूपी के टॉप विकास खंडों को मिलेंगे 20 करोड़ रुपये के पुरस्कार, डेल्टा रैंकिंग में दिखा उत्कृष्ट प्रदर्शन

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📍 लखनऊ
यूपी के टॉप विकास खंडों को मिलेंगे 20 करोड़ रुपये के पुरस्कार, डेल्टा रैंकिंग में दिखा उत्कृष्ट प्रदर्शन
7 जुलाई 2025। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी ‘आकांक्षात्मक विकास खंड योजना’ अब असर दिखा रही है। वर्ष 2024-25 की डेल्टा रैंकिंग जारी हो चुकी है, जिसमें बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले शीर्ष विकास खंडों को 20 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि और पुरस्कार दिए जाएंगे।

डेल्टा रैंकिंग में कौन रहा अव्वल?
राज्य सरकार के नियोजन विभाग द्वारा जारी रैंकिंग में जालौन जनपद का जालौन विकास खंड समग्र प्रदर्शन में पहले स्थान पर रहा है। इसके साथ ही रामपुरा (जालौन), देवकली (गाजीपुर), विष्णुपुरा (कुशीनगर) और मड़िहान (मीरजापुर) ने भी शीर्ष 5 में जगह बनाई है।

पुरस्कार राशि का बंटवारा ऐसे होगा:
प्रथम स्थान: ₹2.5 करोड़

द्वितीय स्थान: ₹1.5 करोड़

तृतीय स्थान: ₹1.0 करोड़

अन्य दो शीर्ष खंडों को: ₹0.5-₹0.5 करोड़

यह राशि संबंधित विकास कार्यों में और गति लाने के लिए दी जाएगी।

विभागवार प्रदर्शन की झलक:
स्वास्थ्य एवं पोषण: रामपुरा (जालौन) अव्वल, खेसराहा (सिद्धार्थनगर) और जालौन क्रमशः दूसरे व तीसरे स्थान पर।

शिक्षा: जालौन पहले और रामपुरा दूसरे स्थान पर, देवकली (गाजीपुर) तीसरे पर।

कृषि एवं संबद्ध सेवाएं: विष्णुपुरा (कुशीनगर) सबसे आगे, टांडा (अंबेडकरनगर) और संभल भी टॉप-3 में।

बुनियादी ढांचा एवं सामाजिक विकास: सैदनगर (रामपुर) दोनों श्रेणियों में प्रथम स्थान पर।

कमजोर प्रदर्शन वाले खंडों की सूची भी आई सामने:
कुछ विकास खंडों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। जैसे:

स्वास्थ्य व शिक्षा में पिछड़े: संडीला (हरदोई), सलारपुर (बदायूं), जुनावाई (संभल)

बुनियादी ढांचे में कमजोर: निचलौल (महाराजगंज)

सामाजिक विकास में पिछड़ापन: शुकुलबजार (अमेठी)

क्या है योजना का उद्देश्य?
मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच 108 आकांक्षात्मक विकास खंडों की सतत निगरानी की गई, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, बुनियादी ढांचे और सामाजिक विकास जैसे मानकों पर मूल्यांकन हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य है कि प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों में भी विकास की रफ्तार लाई जाए।

योजना से बढ़ी प्रतिस्पर्धा, दिखने लगा बदलाव
इस योजना के जरिए ग्राम्य स्तर पर प्रतिस्पर्धा और जवाबदेही बढ़ी है। प्रोत्साहन राशि और रैंकिंग से प्रेरित होकर अब अधिकतर विकास खंड सुधार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। योजना से उत्तर प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा मिलने लगी है।

मुख्यमंत्री शीघ्र ही विजेता विकास खंडों को सम्मानित करेंगे।
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