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NASA का नया 'एलियन हंटर' स्पेस टेलीस्कोप होगा सर्विसिंग योग्य, अंतरिक्ष में मरम्मत के लिए रोबोट निभा सकते हैं अहम भूमिका

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📍 भोपाल
NASA का नया 'एलियन हंटर' स्पेस टेलीस्कोप होगा सर्विसिंग योग्य, अंतरिक्ष में मरम्मत के लिए रोबोट निभा सकते हैं अहम भूमिका
नई दिल्ली 6 जुलाई 2026 NASA अपने आगामी फ्लैगशिप मिशन हैबिटेबल वर्ल्ड्स ऑब्जर्वेटरी (Habitable Worlds Observatory - HWO) को इस तरह विकसित कर रहा है कि भविष्य में अंतरिक्ष में ही उसकी मरम्मत, रखरखाव और अपग्रेड किया जा सके। यह महत्वाकांक्षी टेलीस्कोप पृथ्वी जैसे रहने योग्य ग्रहों और संभावित एलियन जीवन की खोज के लिए बनाया जा रहा है।

NASA के एस्ट्रोफिजिक्स डिवीजन के निदेशक शॉन डोमागल-गोल्डमैन ने अमेरिकन एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी (AAS) की 248वीं बैठक के दौरान कहा कि HWO को "कुछ हद तक सर्विसिंग योग्य" बनाना मिशन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

हबल से अलग होगा HWO का मिशन
NASA का प्रसिद्ध हबल स्पेस टेलीस्कोप कई बार अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा अंतरिक्ष में जाकर अपग्रेड और मरम्मत किया गया था। लेकिन HWO के साथ ऐसा संभव नहीं होगा क्योंकि इसे पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर (10 लाख मील) दूर सूर्य-पृथ्वी लैग्रेंज पॉइंट-2 (L2) पर स्थापित किया जाएगा। यही वह स्थान है जहां जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) भी कार्यरत है।

इतनी दूरी पर मानव मिशन भेजना मौजूदा तकनीक के साथ बेहद कठिन माना जाता है। ऐसे में भविष्य में इसकी सर्विसिंग के लिए अत्याधुनिक रोबोटिक सिस्टम का सहारा लिया जा सकता है।

पृथ्वी जैसे ग्रहों की खोज करेगा टेलीस्कोप
HWO का मुख्य उद्देश्य सूर्य जैसे तारों की परिक्रमा करने वाले चट्टानी, पृथ्वी जैसे ग्रहों की खोज करना है, जहां जीवन की संभावना हो सकती है। इसके साथ ही यह उनके वायुमंडल का विश्लेषण करेगा और ब्रह्मांड की संरचना से जुड़े कई अन्य वैज्ञानिक अध्ययन भी करेगा।

NASA का मानना है कि यदि टेलीस्कोप को सर्विसिंग योग्य बनाया जाता है, तो उसकी कार्यक्षमता और जीवनकाल दोनों बढ़ाए जा सकेंगे। भविष्य में नए वैज्ञानिक उपकरण भी इसमें जोड़े जा सकेंगे।

अंतरिक्ष में भी हो सकती है असेंबली
NASA के अनुसार यदि HWO का आकार इतना बड़ा हुआ कि उसे एक ही रॉकेट में पूरी तरह तैयार अवस्था में लॉन्च नहीं किया जा सके, तो उसके कुछ हिस्सों को अंतरिक्ष में ही जोड़ने की आवश्यकता पड़ सकती है।

ऐसी स्थिति में केवल मरम्मत ही नहीं, बल्कि ऑर्बिट में टेलीस्कोप की असेंबली भी रोबोटिक तकनीक के माध्यम से की जा सकती है।

माइक्रोमीटियोराइट्स से मिले नए सबक
NASA के पूर्व अंतरिक्ष यात्री और पूर्व मुख्य वैज्ञानिक जॉन ग्रन्सफेल्ड ने बताया कि जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप के संचालन के दौरान वैज्ञानिकों को उम्मीद से अधिक संख्या में और बड़े आकार के माइक्रोमीटियोराइट्स का सामना करना पड़ा।

उनके अनुसार भविष्य में यदि HWO के सनशील्ड या अन्य संरचनाओं को ऐसे सूक्ष्म उल्कापिंडों से नुकसान पहुंचता है, तो रोबोटिक सिस्टम उनके पैच रिपेयर जैसे कार्य भी कर सकते हैं।

डिजाइन अभी अंतिम चरण में नहीं
NASA ने अभी यह तय नहीं किया है कि HWO की सर्विसिंग किस तकनीक से की जाएगी। चूंकि मिशन का डिजाइन अभी विकसित किया जा रहा है, इसलिए इस पर अंतिम निर्णय भविष्य में लिया जाएगा। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि L2 जैसी दूरस्थ कक्षा में स्थित इस वेधशाला के लिए रोबोटिक सर्विसिंग ही सबसे व्यवहारिक विकल्प होगी।

जॉन ग्रन्सफेल्ड का कहना है कि HWO अब तक विकसित की जा रही सबसे जटिल अंतरिक्ष वेधशालाओं में से एक होगी। उनके अनुसार अभी सही समय है कि भविष्य की इस वेधशाला को लंबे समय तक उपयोगी बनाए रखने के लिए सर्विसिंग क्षमता को डिजाइन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाए।
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