18 फरवरी 2026। भारत की डेटा सेंटर कंपनी Yotta Data Services ने एशिया के सबसे बड़े आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब में से एक विकसित करने की घोषणा की है। करीब 2 अरब डॉलर के निवेश से बनने वाली इस सुविधा में उन्नत एआई इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित किया जाएगा।
कंपनी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट में 20,736 NVIDIA ब्लैकवेल अल्ट्रा GPU लगाए जाएंगे। यह सुपरक्लस्टर बड़े एआई वर्कलोड संभालने, मशीन लर्निंग और जनरेटिव एआई रिसर्च को गति देने के लिए डिजाइन किया जा रहा है।
योटा ने बताया कि एनवीडिया के साथ करीब 1 अरब डॉलर का समझौता हुआ है, जिसके तहत कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर के भीतर एक बड़ा DGX क्लाउड क्लस्टर स्थापित किया जाएगा। यह एआई हब अगस्त तक ग्रेटर नोएडा स्थित कैंपस में शुरू होने की उम्मीद है।
एनवीडिया के सीईओ Jensen Huang ने कहा कि भारत में एआई फैक्ट्री क्षमता बढ़ने से कंपनी की क्षेत्रीय उपस्थिति मजबूत होगी और भारत की सुरक्षित व सॉवरेन एआई इकोसिस्टम बनाने की महत्वाकांक्षा को बल मिलेगा।
कंपनी ने यह भी बताया कि उसके एआई सुपरक्लस्टर से 10,000 से अधिक एनवीडिया चिप्स IndiaAI मिशन के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। इससे फाउंडेशन मॉडल डेवलपमेंट, रिसर्च संस्थान, स्टार्टअप और सार्वजनिक एआई प्लेटफॉर्म को समर्थन मिलेगा।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक एआई दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है और एशिया के प्रमुख डेटा सेंटर बाजारों में तेजी से उभर रहा है।
हाल ही में Adani Group ने 2035 तक देश में डेटा सेंटर नेटवर्क विकसित करने के लिए 100 अरब डॉलर तक निवेश की योजना की घोषणा की है। वहीं Google, Microsoft और Amazon पहले ही 2030 तक भारत में एआई और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में कुल मिलाकर 68 अरब डॉलर निवेश की प्रतिबद्धता जता चुके हैं।
स्पष्ट है कि एआई बूम ने क्लाउड सेवाओं की वैश्विक मांग बढ़ा दी है और कंपनियां डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर में आक्रामक निवेश कर रही हैं। भारत इस नई तकनीकी दौड़ में सिर्फ भागीदार नहीं, बल्कि उभरता हुआ केंद्र बनता दिख रहा है।














