10 जुलाई 2026। चीन ने अमेरिकी AI कंपनी Anthropic के AI कोडिंग टूल Claude Code पर गंभीर सुरक्षा आरोप लगाए हैं। चीन के उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MIIT) के अधीन नेशनल वल्नरेबिलिटी डेटाबेस (NVDB) ने दावा किया है कि Claude Code के कुछ संस्करणों में ऐसा कथित "बैकडोर" मौजूद है, जो उपयोगकर्ताओं की अनुमति के बिना उनकी पहचान, भौगोलिक लोकेशन और अन्य संवेदनशील जानकारी रिमोट सर्वर तक भेज सकता है।
NVDB द्वारा जारी जोखिम सलाह (Risk Advisory) में कहा गया है कि Claude Code के हालिया कई संस्करणों में एक "इन-बिल्ट मॉनिटरिंग मैकेनिज्म" पाया गया है। चीन का आरोप है कि यह तंत्र उपयोगकर्ताओं की सहमति के बिना डेटा ट्रांसमिट करता है, जिससे गोपनीयता, साइबर सुरक्षा और बौद्धिक संपदा से जुड़े गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं।
Claude Code, अमेरिकी AI स्टार्टअप Anthropic द्वारा विकसित एक AI आधारित कोडिंग असिस्टेंट है। यह डेवलपर्स को प्राकृतिक भाषा के निर्देशों के आधार पर कोड लिखने, संपादित करने, डीबग करने और समझने में सहायता करता है। चूंकि यह सीधे डेवलपर के टर्मिनल पर काम करता है, इसलिए इसे उन फाइलों और सोर्स कोड तक पहुंच मिल सकती है जिन्हें उपयोगकर्ता साझा करता है।
चीनी एजेंसी ने डेवलपर्स और संस्थानों को सलाह दी है कि वे प्रभावित संस्करणों की तुरंत समीक्षा करें, जरूरत पड़ने पर उन्हें हटाएं या ऐसे अपडेटेड संस्करण का उपयोग करें जिसमें कथित सुरक्षा खामी मौजूद न हो। साथ ही डेवलपमेंट टूल्स के आउटबाउंड नेटवर्क एक्सेस पर कड़े नियंत्रण और डेटा ट्रैफिक की निगरानी बढ़ाने की भी सिफारिश की गई है।
हालांकि, Anthropic ने अब तक चीन के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
पहले भी उठ चुके हैं विवाद
Anthropic और चीन के बीच AI तकनीक को लेकर पहले भी तनाव रहा है। अमेरिकी निर्यात नियंत्रण और राष्ट्रीय सुरक्षा प्रतिबंधों के चलते कंपनी चीन की कंपनियों और उनसे जुड़ी विदेशी इकाइयों को Claude सेवा उपलब्ध नहीं कराती। इसके बावजूद विभिन्न रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कुछ चीनी शोधकर्ता और डेवलपर प्रॉक्सी सेवाओं के माध्यम से Claude का उपयोग करते रहे हैं।
इसी वर्ष Anthropic ने अलीबाबा सहित कुछ चीनी AI लैब्स पर अपने AI मॉडल की कथित "डिस्टिलेशन" यानी प्रतिस्पर्धी मॉडल तैयार करने के लिए तकनीक की नकल करने का आरोप भी लगाया था।
Reddit पोस्ट के बाद बढ़ा विवाद
चीन की यह एडवाइजरी उस समय सामने आई है जब पिछले सप्ताह Reddit पर कुछ उपयोगकर्ताओं ने दावा किया था कि Anthropic ने चीन से अनधिकृत रूप से सेवा का उपयोग करने वाले खातों की पहचान करने के लिए Claude Code में एक विशेष ट्रैकिंग तंत्र जोड़ा था।
इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए Anthropic के कर्मचारी थारिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा था कि संबंधित कोड एक सीमित प्रयोग का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य अनधिकृत रीसेलर्स द्वारा खातों के दुरुपयोग को रोकना और डेटा में छेड़छाड़ से सुरक्षा सुनिश्चित करना था। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि कंपनी 2 जुलाई के रिलीज़ संस्करण में इस तंत्र को हटाने की योजना बना रही है।
अमेरिका में भी आलोचनाओं का सामना
Anthropic को अमेरिका में भी कई विवादों का सामना करना पड़ा है। कंपनी लगातार AI सुरक्षा और जिम्मेदार उपयोग पर जोर देती रही है। हाल ही में उसने अपने कुछ उन्नत AI मॉडल की रिलीज़ सीमित कर दी थी, यह कहते हुए कि उनका दुरुपयोग महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर कमजोरियों का पता लगाने के लिए किया जा सकता है।
वहीं, मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि Anthropic की तकनीक अमेरिकी सरकारी एजेंसियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले Palantir के विश्लेषण और निगरानी सॉफ्टवेयर में एकीकृत की गई है। ईरान से जुड़े एक सैन्य अभियान के दौरान AI की भूमिका को लेकर भी कंपनी पर सवाल उठे थे। उस मामले में Anthropic के CEO डारियो अमोदेई ने कहा था कि अंतिम सैन्य निर्णय इंसानों द्वारा लिया गया था और AI ने केवल विश्लेषणात्मक सहायता प्रदान की थी।
फिलहाल चीन के लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और Anthropic की ओर से भी इन दावों पर विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। इसलिए इन आरोपों को कंपनी के आधिकारिक पक्ष के अभाव में दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।














