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अमेरिकी सेवानिवृत्त लोगों को निशाना बनाने वाले ऑनलाइन घोटालों से मुनाफा कमाने के आरोपों में घिरी मेटा

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Place: भोपाल                                                👤By: prativad                                                                Views: 138

वाशिंगटन 22 जून 2026। कई अमेरिकी सेवानिवृत्ति अधिकार समूहों ने अमेरिकी कांग्रेस से सोशल मीडिया दिग्गज मेटा की जांच कराने की मांग की है। इन समूहों का आरोप है कि कंपनी ने वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बनाने वाले फर्जी और भ्रामक विज्ञापनों को अपने प्लेटफॉर्म पर चलने दिया और उनसे आर्थिक लाभ कमाया।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह मांग हाउस होमलैंड सिक्योरिटी कमेटी के नेताओं को भेजे गए एक पत्र में की गई है। आरोप है कि मेटा ने धोखाधड़ी वाले विज्ञापनों और ऑनलाइन घोटालों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की, जिससे बड़ी संख्या में बुजुर्ग अमेरिकी वित्तीय ठगी का शिकार हुए।

फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और थ्रेड्स की मूल कंपनी मेटा पहले से ही गलत सूचना, डेटा गोपनीयता, प्रतिस्पर्धा-विरोधी मामलों और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर उसके प्लेटफॉर्म के प्रभाव जैसे मुद्दों को लेकर लगातार जांच के दायरे में है।

वरिष्ठ नागरिकों को हुआ भारी नुकसान
जांच की मांग करने वाले संगठनों में एलायंस फॉर रिटायर्ड अमेरिकन्स, अमेरिकन पोस्टल वर्कर्स यूनियन रिटायरीज और अमेरिकन फेडरेशन ऑफ टीचर्स शामिल हैं। इन संगठनों का कहना है कि मेटा के प्लेटफॉर्म पर फर्जी मेडिकेयर और अन्य धोखाधड़ी वाले विज्ञापन तेजी से फैले, जिनके कारण हजारों वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

एलायंस फॉर रिटायर्ड अमेरिकन्स के कार्यकारी निदेशक रिचर्ड फिएस्टा ने कहा कि मेटा के प्लेटफॉर्म पर धोखाधड़ी वाले विज्ञापन लगातार फैल रहे हैं और कई वरिष्ठ नागरिक इनका शिकार बन रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस से यह जांच करने की मांग की कि कंपनी को इन घोटालों की कितनी जानकारी थी और मजबूत सुरक्षा उपाय क्यों लागू नहीं किए गए।

मेटा ने आरोपों को किया खारिज
मेटा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कंपनी लगातार ऑनलाइन घोटालों से निपटने के लिए काम कर रही है। कंपनी के एक प्रवक्ता के अनुसार, मेटा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर आपराधिक नेटवर्क की पहचान करने और उन्हें खत्म करने के लिए सक्रिय रूप से काम करती है।

पहले भी उठ चुके हैं सवाल
इस साल की शुरुआत में अमेरिकी सांसदों के एक द्विदलीय समूह ने मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग से कंपनी की धोखाधड़ी-रोधी नीतियों की प्रभावशीलता को लेकर सवाल किए थे।

पिछले वर्ष प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि फर्जी विज्ञापन मेटा के 2024 के कुल राजस्व का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा हो सकते हैं। इसके बाद कई कानून निर्माताओं ने कंपनी के खिलाफ संघीय जांच की मांग भी की थी।

वैश्विक स्तर पर बढ़ रहा नियामकीय दबाव
मेटा दुनिया भर में बढ़ते नियामकीय दबाव का सामना कर रही है। यूरोप में कंपनी प्रतिस्पर्धा, गोपनीयता और डिजिटल विज्ञापन से जुड़े मामलों की जांच का सामना कर रही है और उस पर 797 मिलियन यूरो (करीब 915 मिलियन डॉलर) का अविश्वास जुर्माना भी लगाया गया है।

वहीं, रूस में मेटा को एक चरमपंथी संगठन घोषित किया जा चुका है, जिसके कारण कंपनी की गतिविधियों पर कई प्रतिबंध लागू हैं।

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