नई दिल्ली 9 अगस्त 2026। ईबीएमएस (ई20 पेट्रोल) में नमी एवं क्लोराइड की मौजूदगी को लेकर हाल में प्रकाशित कुछ मीडिया रिपोर्टों के मद्देनज़र तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने पूरे देश में अतिरिक्त और व्यापक जांच अभियान चलाया। यह जांच ईबीएमएस की पूरी आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में की गई। जांच के परिणामों ने एक बार फिर यह पुष्टि की है कि ईंधन की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप है। कुछ दावों के विपरीत, वैज्ञानिक तरीके से किए गए व्यापक रैंडम परीक्षणों से यह स्पष्ट हुआ है कि ईंधन में किसी प्रकार के संदूषण (कंटैमिनेशन) को लेकर चिंता की कोई आवश्यकता नहीं है।
तेल विपणन कंपनियों ने अपने सभी सम्मानित उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि ईंधन की गुणवत्ता उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कभी ऐसा कोई मुद्दा सामने आता है जो वाहन के प्रदर्शन या उपभोक्ताओं के विश्वास को प्रभावित कर सकता है, तो उसका वैज्ञानिक जांच के आधार पर तुरंत समाधान किया जाता है।
भारत सरकार ने पेट्रोल में मिश्रण के लिए उपयोग किए जाने वाले एथेनॉल में क्लोराइड की मात्रा के लिए कड़े मानक निर्धारित किए हैं तथा पूरी आपूर्ति श्रृंखला में इनके अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए उच्च-आवृत्ति निगरानी व्यवस्था लागू की है। क्लोराइड की निगरानी रिफाइनरी, डिस्टिलरी, डिपो, टर्मिनल तथा देशभर के रिटेल आउटलेट्स सहित आपूर्ति श्रृंखला के विभिन्न चरणों में नियमित रूप से की जा रही है। इससे यह सुनिश्चित हुआ है कि गुणवत्ता लगातार निर्धारित मानकों के अनुरूप बनी हुई है।
पहले से लागू गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्थाओं के अतिरिक्त, तेल विपणन कंपनियों ने निगरानी को और अधिक सुदृढ़ किया है। इसके तहत प्रत्येक रिटेल आउटलेट पर प्रतिदिन 8 से 12 बार पानी की मौजूदगी (वॉटर इन्ग्रेस) तथा घनत्व (डेंसिटी) की जांच की जा रही है। देशभर में मोबाइल फ्यूल क्वालिटी टेस्टिंग लैब भी तैनात की गई हैं तथा परीक्षण परिणामों का स्वतंत्र फ्यूल प्रयोगशालाओं द्वारा सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि गुणवत्ता के सर्वोच्च मानकों को सुनिश्चित किया जा सके।
पूरी आपूर्ति श्रृंखला में अपनाई गई इन बहुस्तरीय और सुदृढ़ परीक्षण व्यवस्थाओं ने एक बार फिर यह प्रमाणित किया है कि ईंधन की गुणवत्ता सर्वोच्च मानकों के अनुरूप है।
रिफाइनरी से प्राप्त मोटर स्पिरिट (एमएस)
देशभर की विभिन्न रिफाइनरियों से लिए गए 100 से अधिक अतिरिक्त रैंडम नमूनों की जांच में पेट्रोल में क्लोराइड की मात्रा लगातार 1 पीपीएम या उससे कम पाई गई। यह भारत की मजबूत रिफाइनिंग एवं डिस्पैच व्यवस्था में लागू गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
डिस्टिलरी से प्राप्त शुद्ध एथेनॉल
पेट्रोल में मिश्रण के लिए उपयोग किए जाने वाले एथेनॉल की आपूर्ति करने वाली डिस्टिलरियों से लिए गए नमूनों में भी क्लोराइड की मात्रा निर्धारित सीमा से काफी कम पाई गई, जो उत्पादन स्तर पर मजबूत गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली को दर्शाती है।
ओएमसी और सीएचटी के सदस्यों वाले एक विशेष कार्यबल ने पिछले 10 दिनों में देशभर की 80 डिस्टिलरियों से एथेनॉल के नमूनों की जांच की। सभी नमूनों में क्लोराइड की मात्रा 3 पीपीएम से कम पाई गई।
ओएमसी के विपणन नेटवर्क के माध्यम से वितरित ई20 पेट्रोल
डिपो एवं टैंक ट्रक
डिपो और टर्मिनलों से लिए गए एथेनॉल एवं ई20 पेट्रोल के नमूने निर्धारित क्लोराइड मानकों के अनुरूप पाए गए। इस स्तर पर नियमित निगरानी से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि भंडारण एवं वितरण के दौरान भी गुणवत्ता बनी रहे। देशभर के विभिन्न ओएमसी टर्मिनलों से लिए गए 80 से अधिक नमूनों में क्लोराइड की मात्रा 3 पीपीएम से कम दर्ज की गई।
रिटेल आउटलेट
गहन निगरानी कार्यक्रम के तहत अब तक 1,000 से अधिक नमूने एकत्र किए गए हैं। इनमें से पिछले कुछ दिनों में 160 परीक्षण रिपोर्टों का क्लोराइड के लिए विश्लेषण किया गया, जिसमें क्लोराइड का स्तर 0 से 3 पीपीएम के बीच पाया गया। यह कई सौ पीपीएम क्लोराइड होने के दावों के बिल्कुल विपरीत है।
निगरानी प्रणाली में केवल चार अलग-अलग मामलों में क्लोराइड का स्तर अपेक्षाकृत अधिक पाया गया। इन सभी स्थानों पर तत्काल आपूर्ति रोक दी गई, विस्तृत कारणों की जांच की गई तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के बाद ही आपूर्ति पुनः शुरू की गई।
पानी की मौजूदगी (वॉटर इन्ग्रेस) की जांच
देशभर के लगभग 90,000 रिटेल आउटलेट्स पर भूमिगत भंडारण टैंकों का अनिवार्य निरीक्षण और निगरानी शुरू कर दी गई है। इन टैंकों की प्रतिदिन 8 से 12 बार जांच की जा रही है और अब तक किसी भी स्थान पर पानी के प्रवेश का कोई मामला सामने नहीं आया है।
उपरोक्त सभी परीक्षणों का सारांश सीएचटी की आधिकारिक वेबसाइट *[www.cht.gov.in](http://www.cht.gov.in)* पर उपलब्ध है। जैसे-जैसे नए परीक्षण परिणाम प्राप्त होंगे, वेबसाइट पर जानकारी को अद्यतन किया जाएगा।
तेल विपणन कंपनियों ने एक बार फिर उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि ईंधन की गुणवत्ता उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूरी आपूर्ति श्रृंखला में गुणवत्ता की निरंतर निगरानी की जाती है और कहीं भी किसी प्रकार का विचलन पाए जाने पर तत्काल और प्रभावी सुधारात्मक कार्रवाई की जाती है।
उपभोक्ता पूरी निश्चिंतता के साथ ई20 पेट्रोल का उपयोग जारी रखें। ओएमसी नेटवर्क के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा ई20 पेट्रोल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है तथा इसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पूरी आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत निगरानी और गुणवत्ता आश्वासन प्रणाली लागू है, जो प्रत्येक चरण पर उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा करती है।
















