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उज्जैन में लगने वाली है विश्व की पहली वैदिक घड़ी, एक मार्च को PM नरेंद्र मोदी करेंगे वर्चुअली उद्घाटन

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: Admin                                                                         Views: 141422

Bhopal: भारत की पहली वैदिक घड़ी उज्जैन की प्राचीन वेधशाला में स्थापित की जा रही है। हिन्दू कालगणना और ग्रीनविच पद्धति की दोनों घड़ियों का समय एक साथ देखा जा सकेगा। एप के द्वारा अलग-अलग लोकेशन के सूर्योदय का समय, मुहूर्त काल, विक्रम संवत कैलेंडर, राहु काल, शुभ मुहूर्त पंचाग सहित समय गणना का भी पता लगाया जा सकेगा। घड़ी का लोकार्पण एक मार्च को वर्चुअली रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा होगा।

उज्जैन को काल गणना का केंद्र माना जाता रहा है और उज्जैन कर्क रेखा पर स्थित है। कभी यह रेखा शहर के बीच थी, जो कि आज डोंगला में स्थित है। उज्जैन को कालगणना का केंद्र दोबारा बनाने की बात मुख्यमंत्री मोहन यादव भी कह चुके हैं। प्राचीन नगरी उज्जैन में वैदिक घड़ी को लगाने का उद्देश्य भारतीय समय गणना से आम लोगों को परिचित कराना तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उज्जैन की कालगणना को फिर से स्थापित करना है।

विश्व की पहली वैदिक घड़ी
बता दें कि दुनिया की पहली वैदिक घड़ी को जीवाजी वैधशाला के पास लगाया जा रहा है। इसके लिए यहां 85 फीट ऊंचा घड़ी का टावर खड़ा हो गया है। इसका काम अपने अंतिम चरण में है और आने वाली एक मार्च को पीएम मोदी द्वारा इसका लोकार्पण किया जाएगा। अभी वैदिक घड़ी नहीं लग पाई है। जीवाजी वैधशाला में यह विशेष करीब 10x12 फ़ीट की वैदिक घड़ी लगाई जा रही है, जो 30 मुहूर्त के साथ समय बताने वाली विश्व की पहली वैदिक घड़ी होगी।

यह है खासियत
घड़ी की खास बात यह है कि वैदिक घड़ी में विक्रम पंचांग समाहित रहेगा, जो सूर्योदय से सूर्यास्त तक की जानकारी के साथ ग्रह, योग, भद्रा, चंद्र स्थिति, नक्षत्र, चौघड़िया, सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएगा। विक्रम शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि ये घड़ी दुनिया की पहली घड़ी होगी, जिसमें भारतीय काल गणना को शुद्धतम रूप से दर्शाया जाएगा। घड़ी में विधि, घटी काल, पल का मुहूर्त सब कुछ मिलेगा। हम भारतीय काल गणना को पुनः स्थापित करने के उद्देशय से घड़ी लगा रहे हैं। आगे चलकर इसके एप को आम लोग अपने मोबाइल पर उपयोग कर सकेंगे। घड़ी के लिए लखनऊ और भोपाल में काम अपने अंतिम चरणों में चल रहा है।

दुनिया के सूर्यग्रहण भी देख सकेंगे
लखनऊ में एप को डिजाइन करने वाले आरोह ने बताया कि उज्जैन के लिए एक नया एप तैयार हो रहा है, जिसका नाम विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के नाम से होगा। इसमें वैदिक समय, ग्रीन विच टाइम, भारतीय स्टैंडर्ड टाइम, विक्रम पंचांग, अभिजीत मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त, अमृत काल सहित वेदर फॉरकास्ट की जानकारी भी मिल सकेगी। घड़ी में हर घंटे बाद बैकग्राउंड में नई तस्वीर दिखेगी। द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर, नवग्रह, राशि चक्र के साथ साथ धार्मिक स्थल भी दिखाई देंगे। देश-दुनिया के खूबसूरत सूर्यास्त, सूर्य ग्रहण के नजारे भी दिखाई देंगे। प्ले स्टोर पर एप आने के बाद कोई इस एप को डाउनलोड कर अपने मोबाइल में भी इस वैदिक घड़ी को देख सकेंगे।

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