बुजुर्ग राजकुमारी बाई ने लिया जनसुनवाई का आवेदन वापस
एसडीएम साहब, आपकी समझाईश के बाद बदल गया मेरे बेटे का व्यवहार
आपसी गलतफ हमियों को दूर कर हर छोटे बड़े रिश्तों को टूटने से बचाया जा सकता है। चाहे व पति पत्नी, मां, बेटे, सास-बहू का ही क्यों न हो। यही मिसाल एसडीएम गोविंदपुरा मुकुल गुप्ता ने पेश की है। उन्होंने गणेश मंदिर छोला निवासी 60 वर्षीय राजकुमारी और उनके पति, बड़े बेटे, बहू के बीच चल रहे विवाद को दो-तीन पेशियों में दी गई समझाईश में ही खत्म करा दिया। उनकी समझाईश का असर इतना पड़ा कि पति ओमप्रकाश और बेटा जगदीश उर्फ भोला सैनी का हृदय परिवर्तन हो गया। गुरूवार को जब पेशी में जगदीश पहुंचा तो वह अपनी मां राजकुमारी के साथ हंसी-खुशी नजर आ रहा था। जब एसडीएम ने कोर्ट में सुनवाई शुरू की तो बुजुर्ग राजकुमारी कह उठी साहब, हमें नहीं चाहिए भरण पोषण, पति-बेटा अब दोनों ही सुधर गए हैं। अब तो दोनों के साथ ही घर में रहूंगी। यह कहते हुए प्रकरण समाप्त किए जाने का आवेदन भी एसडीएम को सौंपा। इस स्थिति को देख एसडीएम अवाक रह गए। बकौल एसडीएम मुकुल गुप्ता, मां-बेटे के बीच प्रेम देखकर लगा कि कभी इनके बीच में विवाद ही नहीं हुआ है। दोनों राजी खुशी अपने घर चले गए।
इनका कहना है -
बुजुर्ग राजकुमारी ने पति-बेटे से भरण पोषण दिलाए जाने संबंधी आवेदन वापस ले लिया है। राजकुमारी का कहना है कि उनका बेटा सुधर गया है। इस वजह से प्रकरण को खारिज कर दिया गया है।
- मुकुल गुप्ता, एसडीएम गोविंदपुरा वृत्त
साहब, मेरे पति और बेटे सुधर गए, अब नहीं चाहिए हमें भरण पोषण
Place:
Bhopal 👤By: Admin Views: 17975
Related News
Latest News
- आने वाले दिनों में बदल जाएगी स्कूलों की सूरत, जानें सीएम डॉ. मोहन ने बनाया क्या प्लान?
- स्वस्थ बचपन का संकल्प हो रहा साकार, बदल रही है बच्चों और माताओं की स्वास्थ्य तस्वीर
- जिन किसानों के स्लॉट बुक हैं, उनसे 28 मई तक गेहूं खरीदेगी सरकार, सीएम डॉ. मोहन बोले- किसान कल्याण के लिए हम प्रतिबद्ध
- सीएम डॉ. यादव से मिले ट्विशा शर्मा के परिजन, सरकार ने दिया हर संभव सहायता का आश्वासन
- ‘G.O.A.T – ग्रेटेस्ट ऑन अ ट्रैक’: स्कोडा ऑटो इंडिया ने अपने परफॉर्मेंस डीएनए को दी नई गति















