जीएसटी लगने के बाद छात्रों को 1 हजार से बढ़ाकर 1180 देना होगा
23 अगस्त 2017। राजधानी भोपाल में स्कूल और कॉलेज बस ऑनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कॉलेज बसों पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाने के विरोध में हड़ताल पर जाने की तैयारी कर ली है। बुधवार को इसे लेकर सभी पदाधिकारियों ने रवीन्द्र भवन में एक बैठक आयोजित कर हड़ताल की रूपरेखा तेयार की।
अब जीएसटी को लेकर कैसे छात्रों पर बढ़ाएं बोझ
एसोसिएशन का कहना है कि पूर्व में ही बसों में जीपीएस व कैमरे लगाने को लेकर किराया बढ़ा चुके हैं। अब जीएसटी को लेकर छात्रों पर आर्थिक बोझ कैसे बढ़ाएं। पदाधिकारियों ने कहा कि सबसे पहले वे इस संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र लिखेंगे, इसके बाद वे मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जीएसटी न लगाये जाने की मांग की जाएगी। यदि मांग नहीं मानी गई तो बस ऑपरेटर्स हड़ताल पर चले जाएंगे। यह जानकारी स्कूल एवं कॉलेज बस ऑनर्स एसोसिएशन के संगठन मंत्री सुनील दुबे ने दी।
उन्होंने बताया कि एक अप्रैल 2017 से पहले कॉलेज बसों पर किसी तरह का कोई टैक्स नहीं लगता था। जीएसटी लागू होने के बाद 18 प्रतिशत टैक्स लग रहा है, इससे प्रत्येक छात्रों पर सीधे 180 रुपए का भार आएगा। सत्र शुरू होने से पहले ही जीपीएस और सीसीटीवी कैमरे लगाने के नाम पर 250 रुपए प्रत्येक छात्र के हिसाब से किराया बढ़ाया जा चुका है। ऐसे में जीएसटी का भार अभिभावकों पर डालना गलत है। पदाधिकारियों ने बैठक कर तय किया है कि इस मामले में संगठन अभिभावकों और छात्रों के साथ है। जरूरत पडऩे पर अभिभावकों से चर्चा की जाएगी। वर्तमान में एक छात्र का किराया 1000 रुपए है वह जीएसटी के बाद 1180 रुपए हो जाएगा। ऐसे में जिनके दो बच्चे कॉलेज पढऩे जाते हैं उन पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।
