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एक गांव जहां 5 दिन महिलाएं नहीं पहनतीं कपड़े

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📍 Bhopal
एक गांव जहां 5 दिन महिलाएं नहीं पहनतीं कपड़े
भारत ही नहीं दुनियाभर में महिलाओं के लिए अजीबोगरीब परंपराएं रही हैं. इनमें कई का आज भी उन्‍हें पालन करना पड़ता है। कहीं, महिलाओं के लिए शादी से पहले शर्मनाक वर्जिनिटी टेस्‍ट कराना पड़ता है तो कहीं शादी ब्‍याह से पहले अजीब प्रथाओं का पालन करना पड़ता है।

देश और दुनिया में कई ऐसी परंपराएं हैं, जिनको लेकर चर्चा, विवाद और आलोचना होती रहती है। कई बार शादी-ब्‍याह से पहले लड़के या लड़की के पेड़ के साथ विवाह संस्‍कार, कहीं भाई से तो कहीं मामा के साथ शादी को लेकर चर्चा होने लगती है। कहीं, सामान्‍य जीवन में महिलाओं या पुरुषों के लिए बनाई गई कई परंपराएं भी देश दुनिया में प्रचलित हैं। भारत के एक गांव में भी महिलाओं और पुरुषों के लिए एक अजीबोगरीब परंपरा है।

हिमाचल प्रदेश की मणिकर्ण घाटी के पिणी गांव में सदियों से चली आ रही एक परंपरा का पालन करते हुए आज भी महिलाएं कपड़े नहीं पहनती हैं। वहीं, पुरुषों के लिए भी इस गांव में एक सख्‍त परंपरा है, जिसका पालन करना उनके लिए भी अनिवार्य है। परंपरा के तहत महिलाएं साल में 5 दिन ऐसे होते हैं, जब वे एक भी कपड़ा नहीं पहनती हैं। वहीं, पुरुष इन 5 दिनों में शराब और भांग का सेवन नहीं कर सकते हैं।

क्‍यों आज भी निभाई जाती है परंपरा?
पिणी गांव में इस परंपरा का काफी रोचक इतिहास है। हालांकि, अब इन खास 5 दिनों में ज्‍यादातर महिलाएं घर से बाहर ही नहीं निकलती हैं. लेकिन, कुछ महिलाएं अपनी इच्‍छा से आज भी इस परंपरा का पालन करती हैं। पिणी गांव की महिलाएं हर साल सावन के महीने में 5 दिन कपड़े नहीं पहनती हैं। कहा जाता है कि इस परंपरा का पालन नहीं करने वाली महिला को कुछ ही दिन में कोई बुरी खबर सुनने को मिल जाती है। इस दौरान पूरे गांव में पति-पत्‍नी आपस में बातचीत तक नहीं करते हैं। इस दौरान पति-पत्‍नी एकदूसरे से पूरी तरह दूर रहते हैं।

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