🔴 TRENDING NOW!
सीतारमण ने ग्लोबल टैक्स नियमों में BRICS की बड़ी भूमिका की वकालत, भारत ने दो नए वर्किंग ग्रुप का प्रस्ताव रखा राधिका आप्टे का खुलासा: लीक हुई निजी फुटेज के बाद 4 दिनों तक घर से नहीं निकलीं भारत का KAL Drone: 1,000 KM तक की रेंज, पोखरण में स्वदेशी Long-Range Attack Drone का परीक्षण भारतीय संस्कृति-जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक मध्यप्रदेश का चारों ओर होगा विकास, सीएम डॉ. मोहन ने डेवलमेंट के लिए मंजूर किए 13 हजार 790 करोड़ रुपये ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी

2.90 लाख किमी प्रति घंटे की गति से आ रहा धूमकेतु! दिन में भी देगा दिखाई

👤
prativad
👁 14031 व्यूज
📍 Bhopal
2.90 लाख किमी प्रति घंटे की गति से आ रहा धूमकेतु! दिन में भी देगा दिखाई
13 मार्च 2023। इसके पीछे एक लम्बी टेल, यानि पूंछ बनने की भी पुरजोर संभावना बताई गई है। 13 अक्टूबर 2024 को जब यह धरती और सूरज के बीच में से गुजर रहा होगा तो यह बहुत चमकीला दिखाई देगा।

खगोल वैज्ञानिकों ने एक और धूमकेतु या अंग्रेजी में, कॉमेट (comet) को खोजा है। यह कॉमेट तेजी से सूरज की तरफ गतिमान है और जब यह सूरज के नजदीक पहुंचेगा तो बहुत ही चमकीला दिखाई देगा, ऐसी संभावना बताई गई है। इसका कॉमेट का नाम C/2023 A3 (Tsuchinshan-ATLAS) रखा गया है। रोमांचित करने वाली जानकारी ये है कि यह इतना चमकीला होगा कि अब तक के सबसे ज्यादा चमकीले तारे के रूप में दिखाई देगा। इसके पीछे एक लम्बी पूंछ बनने की संभावना भी बताई गई है। आइए आपको बताते हैं कि इसकी पूरी स्थिति के बारे में।

अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने C/2023 A3 नाम के धूमकेतु के बारे में जानकारी दी है। बीबीसी की स्काई एट नाइट मैग्जीन के अनुसार, यह कॉमेट अगले साल सूरज के सबसे नजदीक होगा, जिसे पेरिहीलियन पॉइंट कहते हैं। पेरिहीलियन ऐसे बिंदु को कहते हैं जब कोई खगोलीय पिंड या वस्तु सूरज के निकटतम बिंदु पर पहुंच जाती है। इस नए कॉमेट के बारे में कहा जा रहा है कि यह सूरज के पास जाकर बहुत चमकीला हो जाएगा और इसका मेग्नीट्यूड 7.0 होगा। यह 28 सितंबर 2024 को अपने पेरिहीलियन पर पहुंच जाएगा।



रिपोर्ट के मुताबिक इस धूमकेतु की खोज एस्ट्रॉयड टेरेस्ट्रिअल लास्ट अलर्ट सिस्टम (ATLAS) ने की है जो कि साउथ अफ्रीका में तैनात टेलीस्कोप है। इसे 22 फरवरी 2023 को खोजा गया है। वहीं, चीन स्थित पर्पल माउंटेन ऑब्जर्वेटरी पर भी वैज्ञानिकों ने इसे 9 जनवरी 2023 को देखा था जिसके कारण इसके नाम में Tsuchinshan शब्द भी जोड़ा गया है। देखे जाने के समय पर यह सूरज से 7.3 AU (एस्ट्रॉनॉमिकल यूनिट) की दूरी पर था।

कॉमेट के बारे में स्टडी करने के बाद वैज्ञानिकों द्वारा बताया गया है कि यह कॉमेट 80,660 सालों में सूरज का एक चक्कर पूरा करता है। मार्च 2023 में इसकी स्थिति की बात करें तो कहा गया है कि यह अभी शनि और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओँ के बीच में है। धरती के करीब आने के समय के बारे में कहा गया है कि यह 13 अक्टूबर 2024 को धरती के सबसे करीब से होकर गुजरेगा। इसकी स्पीड 2,90,664 किलोमीटर प्रतिघंटा बताई गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर अनुमान सही साबित होता है यह धरती के पश्चिमी आसमान में साफतौर पर देखा जा सकेगा। इसके पीछे एक लम्बी टेल, यानि पूंछ बनने की भी पुरजोर संभावना बताई गई है। 13 अक्टूबर 2024 को जब यह धरती और सूरज के बीच में से गुजर रहा होगा तो यह बहुत चमकीला दिखाई देगा। हाल ही में C/2022 E3 (ZTF) नाम के ग्रीन कॉमेट को अंतरिक्ष में देखा गया था। यह करीबन 50 हजार साल पहले पृथ्वी के पास से गुजरा था। यह धूमकेतु 1 फरवरी को पृथ्‍वी के सबसे करीब से गुजरा था। C/2023 A3 इससे भी चमकीला होने की बात कही गई है।
Tags :