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गूगल पर आरोप: अखबारों की खबरों का दुरुपयोग कर रहा है एआई सर्च टूल

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Location: भोपाल                                                 👤Posted By: prativad                                                                         Views: 3444

भोपाल: दो हजार अखबारों ने गूगल के खिलाफ जांच की मांग की

3 जून 2024। मई में गूगल ने घोषणा की थी कि अमेरिका में हर कोई किसी भी विषय पर सर्च करने पर न्यूज साइट्स और ब्लॉग्स के कंटेंट से बनी एआई जनरेटेड खबरें, आर्टिकल का सार गूगल के एआई इंजन 'एआई ओवरव्यूज' पर देख सकेगा। यह खबर अखबारों और न्यूज पोर्टल्स के लिए खतरा बन गई है क्योंकि इससे पाठक मूल न्यूज पर जाने के बजाय एआई जनरेटेड खबरें ही पढ़ने लगेंगे।

न्यूज कंटेंट चोरी का खतरा बढ़ा
इस मुद्दे पर दो हजार अखबारों के समूह 'न्यूज/मीडिया अलायंस' ने जस्टिस डिपार्टमेंट और फेडरल ट्रेड कमीशन को पत्र भेजकर न्यूज कंटेंट चोरी की जांच की मांग की है। कई मीडिया अधिकारियों का कहना है कि गूगल ने उन्हें मुश्किल स्थिति में डाल दिया है। वे अपनी वेबसाइटों को गूगल सर्च के रिजल्ट में दिखाना चाहते हैं क्योंकि कुछ मीडिया संस्थानों का आधा से अधिक ट्रैफिक गूगल से आता है। प्रकाशकों के सामने मुश्किल है क्योंकि गूगल सर्च पर बने रहने से उनके कंटेंट को एआई ओवरव्यूज से चोरी होने का खतरा है।

कंटेंट का दुरुपयोग रोकने की मांग
न्यूज/मीडिया अलायंस ने गूगल की जांच करने और कंपनी को एआई ओवरव्यूज जारी करने से रोकने की मांग की है। हालांकि, प्रकाशकों का कहना है कि एआई ओवरव्यूज के आने के बाद गूगल से ट्रैफिक में कितना अंतर आया है, यह अभी बताना जल्दबाजी होगी।

अखबारों की जगह ले रहा है एआई?
पिछले महीने जब फेंक पाइन ने दो खबरों की लिंक गूगल पर सर्च की, तो उन्हें विषय से संबंधित दो पैराग्राफ मिले जो एआई द्वारा जनरेट किए गए थे। जो जानकारी वह चाहते थे, उसके लिए उन्हें आगे स्क्रॉल करना पड़ा। पाइन अमेरिका के 68 दैनिक अखबार प्रकाशित करने वाली कंपनी मीडिया न्यूज ग्रुप और ट्रिब्यून पब्लिशिंग के कार्यकारी संपादक हैं। इस अनुभव से पाइन नाराज हो गए। उनका कहना है कि इससे कंटेंट के मूल निर्माताओं तक पहुंच कम होती है। एआई ओवरव्यूज का यह फीचर जनरेटिव एआई के अखबारों की जगह लेने की दिशा में एक और कदम है। इस बदलाव से पाठकों और अन्य प्रकाशनों के अधिकारी चिंतित हैं। ऐसा कंटेंट और पैराग्राफ उनके बिजनेस मॉडल के लिए बड़ा खतरा है और गूगल से उनकी वेबसाइट पर ट्रैफिक कम हो जाएगा।

क्या होगा आगे?
यह देखना बाकी है कि जस्टिस डिपार्टमेंट और फेडरल ट्रेड कमीशन गूगल के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं।

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